इंडोनेशिया के सुदूर नतुना द्वीप में हुए भीषण भूस्खलन के बाद फैले मलबे से बचावकर्मियों द्वारा और शव बरामद करने के बाद, इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
राष्ट्रीय आपदा निवारण एजेंसी ने एक बयान में कहा कि दक्षिण चीन सागर के किनारे नतुना क्षेत्र में एक दूरस्थ द्वीप पर जेंटिंग गांव में खोज अभियान चलाया जा रहा है। वहां मूसलाधार बारिश के बाद सोमवार को हुए भूस्खलन में 30 मकान मलबे में दब गए थे। नतुना की खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख अब्दुल रहमान ने बताया कि अधिकारियों ने खोज एवं बचाव एजेंसी, पुलिस और सेना के 700 से अधिक बचावकर्मियों को 24 लोगों की तलाश के लिए तैनात किया है, जो अब भी लापता हैं। इन लोगों के भूस्खलन के मलबे में दबे मकानों में फंसे होने की आशंका है।
रहमान ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘मौसम में सुधार की वजह से हम और शव बरामद कर सके।’ राष्ट्रीय आपदा निवारण एजेंसी के प्रमुख सुहरयांतो ने गुरुवार को बताया कि आठ लोगों को मलबे से जिंदा निकाला गया, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। घटनास्थल पर तेज बारिश होने के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो रहा है।
सुहरयांतो ने कहा, ‘हम लापता लोगों का पता लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने बताया कि श्वान दस्ते का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बुधवार को जकार्ता और आसपास के द्वीपों से बचाव दल, चिकित्सा दल और तंबू, कंबल तथा भोजन सहित राहत सामग्री लेकर दो हेलीकॉप्टर और कई जहाज यहां पहुंचे। सुहरयांतो ने बताया कि सोमवार को हुए भूस्खलन में करीब 1,300 लोग बेघर हो गए, जिन्होंने अस्थायी आश्रय स्थलों में पनाह ली है।