facebookmetapixel
RBI ने नवंबर में क्यों घटाई डॉलर बिकवाली? जानिए रुपये पर क्या पड़ा असरअदाणी समूह 66 अरब डॉलर का निवेश करेगा, इंफ्रास्ट्रक्चर में नए दौर की शुरुआतअरावली में खनन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, जांच के लिए बनेगी विशेषज्ञ समितिएआई के विकास में अमेरिका चीन के समान समूह में भारत: अश्विनी वैष्णवविकसित देशों का भारी कर्ज भारत के लिए बन सकता है खतरा: अश्विनी वैष्णवStocks to watch: Eternal से लेकर Dr Reddys, IndiGo और DLF तक, गुरुवार को इन स्टॉक्स पर रखें नजरStock Market Today: तीन दिन की गिरावट के बाद बाजार में पलटवार की आहट, राहत की उम्मीद जगीBUY या SELL? कमजोर बाजार में एनालिस्ट ने बताए आज के 3 सबसे अहम स्टॉक्सदावोस में ट्रंप ने ग्रीनलैंड अधिग्रहण की मांग दोहराई, बल प्रयोग से इनकार कियाटाटा कम्युनिकेशंस ने गणेश लक्ष्मीनारायणन को MD और CEO नियुक्त किया; Q3 में लाभ 54% बढ़ा

हिंद-प्रशांत में समुद्री सहयोग बढ़ाएंगे भारत, फ्रांस; PM मोदी से बातचीत के बाद जारी हुआ रोडमैप

फ्रांस की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रीयूनियन द्वीप, न्यू कैलेडोनिया और फ्रेंच पोलिनेशिया जैसे क्षेत्रों में व्यापक उपस्थिति है

Last Updated- July 15, 2023 | 5:51 PM IST
French President Emmanuel Macron and India's Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच यहां द्विपक्षीय वार्ता के बाद शुक्रवार को ‘भारत-फ्रांस हिंद-प्रशांत रोडमैप’ जारी किया गया।

इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी का ‘सागर’ (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) का दृष्टिकोण और फ्रांस की हिंद-प्रशांत रणनीति में उल्लेखित सुरक्षा एवं सहयोग के राष्ट्रपति मैक्रों के दृष्टिकोण बहुत मेल खाते हैं।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता के बीच दोनों नेताओं ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि भारत-फ्रांस साझेदारी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में परस्पर जुड़ाव वाली व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ होगी और इस क्षेत्र के शांतिपूर्ण और समृद्ध भविष्य के लिए अपरिहार्य होगी।’’

फ्रांस की हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रीयूनियन द्वीप, न्यू कैलेडोनिया और फ्रेंच पोलिनेशिया जैसे क्षेत्रों में व्यापक उपस्थिति है, जहां लगभग 15 लाख लोग निवास करते हैं।

इससे पहले, मैक्रों के साथ एक संयुक्त प्रेसवार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत और फ्रांस पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी है।

मोदी ने कहा, ‘‘हम भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल में समुद्री संसाधन का नेतृत्व करने के फ्रांस के फैसले का स्वागत करते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने आदान-प्रदान को बढ़ाना जारी रखेंगे, स्थिति की मांग के अनुसार और क्षेत्रीय जागरूकता पर सहयोग करेंगे तथा पूरे क्षेत्र में समुद्री सहयोग बढ़ाएंगे, जैसा कि हम क्षेत्र में भागीदार देशों के साथ मिलकर दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में कर रहे हैं।’’

First Published - July 15, 2023 | 5:51 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट