facebookmetapixel
Advertisement
विरोध के बाद ARAI ने निर्यात पीएलआई की कागजी कार्रवाई वापस लीसीएट का बड़ा दांव: कैमसो के अधिग्रहण से ऑफ-हाईवे टायर कारोबार को विस्तार देने की तैयारीभीषण गर्मी से मदर डेयरी की बिक्री में 30% से ज्यादा उछाल, आइसक्रीम-दही की मांग बढ़ीCBSE विवाद के बाद सरकार का बड़ा फैसला, अध्यक्ष राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता पद से हटाए गएसुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता वी एस मोहना बनीं शीर्ष अदालत की दूसरी महिला जजनेपाल की सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा के बीच दिल्ली में हुई बड़ी बैठक, राजनीति में जेनरेशन ज़ेड की भूमिका पर विशेष चर्चाडीके शिवकुमार के लिए कर्नाटक में विकास की रफ्तार बनाए रखना बड़ी चुनौती, आर्थिक मोर्चे पर टिकीं सबकी नजरेंवेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की पांच दिवसीय भारत यात्रा कल से, ऊर्जा सहयोग पर रहेगा जोरCBSE और NEET विवाद से डगमगाया कंपनियों का भरोसा, नौकरी के लिए अब देना पड़ सकता है अलग से टेस्टFY26 में केंद्र सरकार का खर्च संशोधित अनुमान से ₹59,690 करोड़ कम, राजकोषीय घाटा कम करने में मिलेगी मदद

ब्रिटेन में आने वालों और छात्रों के वीजा शुल्क में वृद्धि, नई व्यवस्था 4 अक्टूबर से प्रभावी

Advertisement

आगंतुकों को अब छह महीने से कम अवधि वाले दौरे के वीजा के लिए 15 पाउंड और छात्र वीजा के लिए 127 पाउंड अधिक खर्च करने होंगे ।

Last Updated- September 17, 2023 | 8:39 AM IST
visa

ब्रिटेन की सरकार ने भारत समेत दुनिया भर से देश में आने वाले आगंतुकों एवं छात्रों के लिये वीजा शुल्क (visa fees) में बढोत्तरी करने की घोषणा की है और यह बढ़ोतरी आगामी चार अक्टूबर से प्रभावी होगी ।

आगंतुकों को अब छह महीने से कम अवधि वाले दौरे के वीजा के लिए 15 पाउंड और छात्र वीजा के लिए 127 पाउंड अधिक खर्च करने होंगे । शुक्रवार को संसद में पेश किए गए अध्यादेश के बाद, ब्रिटेन के गृह विभाग ने कहा कि बदलावों का मतलब है कि छह महीने से कम समय के दौरे के वीज़ा की लागत बढ़कर 115 पाउंड हो जाएगी और छात्र वीज़ा के आवेदकों को अब 490 पाउंड खर्च करना होगा ।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने जुलाई में घोषणा की थी कि देश के सार्वजनिक क्षेत्र की वेतन वृद्धि को पूरा करने के लिए वीजा आवेदकों द्वारा ब्रिटेन की वित्त पोषित राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के लिए भुगतान की जाने वाली फीस और स्वास्थ्य अधिभार में बड़ी वृद्धि होने वाली है।

यह भी पढ़ें : भारत से चाय का निर्यात 8% कम रहने की आशंका, कितना पड़ेगा इंडस्ट्री पर असर? रिपोर्ट ने बताया

सुनक ने उस वक्त कहा था, ‘‘हम इस देश में आने वाले प्रवासियों के वीजा के लिए आवेदन करने पर लगने वाले शुल्क को बढ़ाने जा रहे हैं। इसे वस्तुत: आव्रजन स्वास्थ्य अधिभार (आईएचएस) कहा जाता है, जो एक प्रकार का लेवी (शुल्क) है जिसका वे एनएचएस तक पहुंचने के लिए भुगतान करते हैं।’’

ब्रिटेन के गृह विभाग ने इस हफ्ते अधिकांश कार्य एवं यात्रा वीजा की लागत में 15 प्रतिशत की वृद्धि और प्राथमिकता वाले वीजा, अध्ययन वीजा और प्रायोजन के प्रमाण पत्र की लागत में कम से कम 20 प्रतिशत की वृद्धि का संकेत दिया था। शुल्क में बढ़ोतरी स्वास्थ्य और देखभाल वीजा सहित अधिकांश वीज़ा श्रेणियों पर लागू की गई है।

Advertisement
First Published - September 17, 2023 | 8:36 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement