भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से पता चला है कि शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लगातार चौथे महीने ऋणात्मक क्षेत्र में रहा है।
दिसंबर 2024 में 18.9 करोड़ डॉलर की तुलना में शुद्ध एफडीआई 1.61 अरब डॉलर रही। दिसंबर 2025 में स्वदेश में आवक एक साल पहले की इसी अवधि के 5.40 अरब डॉलर के मुकाबले बढ़कर 7.5 अरब डॉलर हो गया।
अप्रैल-अक्टूबर के दौरान सकल एफडीआई आवक एक साल पहले के 7.32 अरब डॉलर से बढ़कर 8.58 अरब डॉलर हो गया। दिसंबर 2025 में 7.45 अरब डॉलर एफडीआई की आवक रही है, जो दिसंबर 2024 में 5.40 अरब डॉलर थी।
दिसंबर 2025 में विदेश में शुद्ध एफडीआई सालाना आधार पर 30.5 प्रतिशत बढ़कर 2.74 अरब डॉलर हो गई। बुलेटिन के मुताबिक, ‘अप्रैल-दिसंबर 2025 के दौरान एफडीआई पिछले साल के इसी समय की तुलना में सकल और शुद्ध दोनों तरह से ज़्यादा रहा।
दिसंबर में सकल एफडीआई आवकक मज़बूत रही, जिसमें सिंगापुर, नीदरलैंड्स और मॉरिशस का हिस्सा कुल आवक का 80 प्रतिशत से ज़्यादा थी।
विदेश से मुख्य रूप से परिवहन, विनिर्माण, कंप्यूटर सर्विसेज़ और बिजली और दूसरे ऊर्जा उत्पादन वितरण व पारेषण में धन आया है।