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ED ने जीएसटी धोखाधड़ी मामले में गुजरात में छापे मारे

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बृहस्पतिवार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) ‘‘धोखाधड़ी’’ से जुड़े धन शोधन के एक मामले में गुजरात में कई शहरों में छापेमारी की जिसमें राज्य पुलिस ने हाल

Last Updated- October 17, 2024 | 10:20 AM IST
Enforcement Directorate
Representative image

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) ‘‘धोखाधड़ी’’ से जुड़े धन शोधन के एक मामले में गुजरात में कई शहरों में छापेमारी की जिसमें राज्य पुलिस ने हाल में एक पत्रकार सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किए जाने के बाद संघीय एजेंसी ने राजकोट, जूनागढ़, अहमदाबाद, भावनगर और वेरावल शहरों में करीब 23 परिसरों पर छापेमारी की। मामले में गिरफ्तार पत्रकार महेश लांगा एक प्रमुख अखबार में काम करते हैं जिनके परिसरों पर भी छापेमारी की जा रही है।

धन शोधन का यह मामला अहमदाबाद पुलिस अपराध शाखा की प्राथमिकी से संबंधित है। अहमदाबाद पुलिस की अपराध शाखा ने फर्जी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (आईटीसी)और धोखाधड़ी वाले लेनदेन के जरिए सरकार को धोखा देने के इरादे से स्थापित मुखौटा कंपनियों से जुड़े एक कथित घोटाले को लेकर केंद्रीय जीएसटी से शिकायत मिलने के बाद कई व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

लांगा को सात अन्य लोगों के साथ तब गिरफ्तार किया गया जब केंद्रीय जीएसटी ने जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनकी पत्नी और पिता के नाम पर बनाई गई फर्जी कंपनियों में कुछ संदिग्ध लेनदेन पाए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अपराध शाखा और गुजरात की आर्थिक अपराध शाखा ने अहमदाबाद, जूनागढ़, सूरत, खेड़ा और भावनगर सहित राज्य भर में 14 स्थानों पर छापे मारे।

अपराध शाखा के अनुसार, देशभर में 200 से अधिक फर्जी कंपनियां संगठित तरीके से फर्जी ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ के जरिए सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रही थीं और इन कंपनियों को बनाने के लिए जाली दस्तावेजों और पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया गया था।

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First Published - October 17, 2024 | 10:20 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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