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जैव-उत्प्रेरकों के पंजीकरण के लिए मसौदा

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जैव-उत्प्रेरक की विभिन्न श्रेणियों के पंजीकरण के लिए सक्षमता आंकड़े और परीक्षण रिपोर्ट जरूरी करने संबंधी मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं।

Last Updated- June 14, 2023 | 11:45 PM IST
PM Kisan Scheme

कृषि मंत्रालय ने उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ) संशोधन नियम, 2021 की छठी अनुसूची के तहत जैव-उत्प्रेरक की विभिन्न श्रेणियों के पंजीकरण के लिए सक्षमता आंकड़े और परीक्षण रिपोर्ट जरूरी करने संबंधी मसौदा दिशानिर्देश जारी किए हैं।

किसी भी जैव-उत्प्रेरक का उत्पादन या आयात करने वाले व्यक्ति के लिए यह अनिवार्य है कि वह ऐसे जैव-उत्प्रेरक को उर्वरक (अकार्बनिक, जैविक या मिश्रित) नियंत्रण (एफसीओ) संशोधन आदेश 2021 की अनुसूची छह के तहत सूचीबद्ध करे। इसे एफसीओ संशोधन आदेश भी कहा जाता है। भारत जैव-उत्प्रेरक के लिए अलग नियम तय करने वाले कुछ चुनिंदा देशों में से एक है। वर्ष 2021 में सरकार ने एफसीओ संशोधन आदेश के जरिये जैव-उत्प्रेरक विनियमन को अधिसूचित किया।

इस आदेश के अनुसार, जैव-उत्प्रेरक को पहले पंजीकृत होना होगा और बाजार में आने से पहले प्रभावकारिता साबित करनी होगी। अंशधारकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि जमा किया गया आंकड़ा प्रामाणिक, उपयोग करने योग्य और अच्छी गुणवत्ता वाला हो।

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First Published - June 14, 2023 | 11:45 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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