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ब्रिक्स देशों ने लॉन्च किया ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ नेटवर्क, भविष्य के रोजगार और कौशल विकास को मिलेगी नई दिशा

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भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों ने भविष्य के कौशल, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे में सहयोग के लिए 'ब्रिक्स कनेक्ट' नेटवर्क शुरू किया

Last Updated- September 10, 2026 | 10:50 PM IST
Brics summit 2026
नई दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर लगे पोस्टर | फोटो: PTI

ब्रिक्स देशों ने गुरुवार को रोजगार बाजार में तेजी से हो रहे बदलावों और भविष्य में जरूरी कौशल की पहचान के लिए नया सहयोग नेटवर्क ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ शुरू किया है। यह पहल कामगारों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने के मकसद से की गई है। इसके तहत सदस्य देश रोजगार बाजार की जानकारी, कौशल विकास और डिजिटल रोजगार सेवाओं से जुड़े अनुभव साझा करेंगे।

इस पहल के चार प्रमुख क्षेत्र होंगे। इनमें सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं की रोजगार में भागीदारी, कौशल व रोजगार क्षमता और डिजिटल सार्वजनिक ढांचा शामिल हैं। यह नेटवर्क पहले से चल रहे ब्रिक्स वर्चुअल लायजन ऑफिस पर आधारित है। यह सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग और जानकारी साझा करने का ऑनलाइन मंच है।

नया नेटवर्क एक लचीला मंच होगा, जहां सदस्य देश अपनी जरूरत के मुताबिक सहयोग कर सकेंगे। इसमें सहयोग स्वैच्छिक होगा और किसी सदस्य देश के लिए कोई बाध्यता नहीं होगी। इसका मकसद रोजगार और श्रम बाजार से जुड़ी जानकारी साझा करना और सदस्य देशों की क्षमता बढ़ाना है।  

भविष्य में रोजगार की बदलती जरूरतों को देखते हुए कौशल का अनुमान लगाने पर भारत की 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान कई दौर की चर्चा हुई। मई में तिरुवनंतपुरम में हुई दूसरी ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह की बैठक में सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं की रोजगार में भागीदारी और कौशल विकास पर सहयोग को लेकर चर्चा हुई।

इसमें कौशल की जरूरतों की पहचान और मैपिंग को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा गया। बैठक में सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के लिए स्वैच्छिक और आपसी सहमति पर आधारित क्षमता निर्माण व्यवस्था का भी प्रस्ताव रखा गया। 

जुलाई में हैदराबाद में हुई 12वीं ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में इन चर्चाओं को आगे बढ़ाया गया। मंत्रियों ने एक घोषणा पत्र जारी कर ब्रिक्स कनेक्ट का ढांचा शुरू किया। बैठक में सामाजिक सुरक्षा, रोजगार को औपचारिक बनाने, महिलाओं की रोजगार में भागीदारी, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक पर ध्यान दिया गया। रोजगार कार्य समूह की पिछली बैठक में चार प्राथमिक क्षेत्र तय किए गए थे। 

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First Published - September 10, 2026 | 10:17 PM IST

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