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रिकॉर्ड मार्च के बाद अप्रैल में थमी UPI की रफ्तार, लेनदेन का कुल मूल्य ₹29.03 लाख करोड़ रहा

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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक संख्या के हिसाब से लेनदेन 1.3 प्रतिशत घटकर 22.35 अरब रह गया है, जो मार्च में 22.64 अरब था

Last Updated- May 01, 2026 | 10:23 PM IST
UPI
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

मार्च में रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद अप्रैल में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से लेनदेन मूल्य के हिसाब से 1.7 प्रतिशत घटकर 29.03 लाख करोड़ रुपये रह गया है, जो इसके पहले महीने में 29.53 लाख करोड़ रुपये था। 

यूपीआई संचालन करने वाले भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के आंकड़ों के मुताबिक संख्या के हिसाब से लेनदेन 1.3 प्रतिशत घटकर 22.35 अरब रह गया है, जो मार्च में 22.64 अरब था। 

फिनटेक कंपनी कैशफ़्री पेमेंट्स के सह-संस्थापक और सीईओ आकाश सिन्हा ने कहा, ‘अप्रैल में मासिक आधार पर आई मामूली गिरावट किसी आम मंदी के कारण नहीं, बल्कि मार्च में यूपीआई के बहुत बेहतर प्रदर्शन की वजह से है। वित्त वर्ष के आखिर में आम तौर पर भुगतान में तेजी आती है। ज्यादा अहम संकेत यह है कि रोज़ाना होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या मार्च के 73 करोड़ से बढ़कर अप्रैल में 74.5 करोड़ हो गई। रोजाना का औसत इसलिए महत्त्वपूर्ण है कि साल के आखिर के उतार चढ़ाव से इतर इससे बढ़ती मांग का साफ पता चलता है।’

अप्रैल में सालाना आधार पर संख्या के हिसाब से 25 प्रतिशत और मूल्य के हिसाब से 21 प्रतिशत वृद्धि हुई है। अप्रैल 2016 में यूपीआई लागू होने के बाद से अब तक मार्च में यूपीआई से लेनदेन मात्रा और मूल्य दोनों हिसाब से शीर्ष पर था।

पे नियरबाई के संस्थापक, प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी आनंद कुमार बजाज ने कहा, ‘यह साफ़ होता जा रहा है कि डिजिटल भुगतान अब सिर्फ वृद्धि का मसला नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है।’

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First Published - May 1, 2026 | 10:08 PM IST

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