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नकदी से मोह बरकरार! SBI रिपोर्ट में खुलासा: ATM निकासी और करंसी सर्कुलेशन में बढ़ा बड़ा अंतर

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डिजिटल भुगतान की रिकॉर्ड बढ़त के बावजूद भारतीयों में नकदी रखने का रुझान बढ़ा है। एसबीआई रिपोर्ट के अनुसार, चलन में मुद्रा और एटीएम निकासी का अंतर ₹9,127 तक पहुंच गया है

Last Updated- April 24, 2026 | 10:18 PM IST
Rupee
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति चलन में मुद्रा और एटीएम से नकद निकासी के बीच का अंतर तेजी से बढ़ा है, जो एहतियात के तौर पर नकदी रखने की प्रवृत्ति में वृद्धि के संकेत देता है। यह अंतर वित्त वर्ष 2026 में 9,127 रुपये तक बढ़ गया, जो वित्त वर्ष 2024 में 1,804 रुपये था।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस प्रवृत्ति की वजह वैश्विक अनिश्चितताओं और पहले के व्यवधानों के दौरान देखी गई व्यावहारिक प्रतिक्रियाएं हैं। इसके बावजूद जहां नकदी का स्तर कुल मिलाकर बढ़ा है, वहीं सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले नकदी का अनुपात वित्त वर्ष 2021 के 14.4 प्रतिशत से गिरकर वित्त वर्ष 2026 में 12.1 प्रतिशत रह गया है। इससे पता चलता है कि मुद्रा में बढ़ोतरी समग्र आर्थिक विस्तार के मुताबिक ही है।

 वित्त वर्ष 2026 में प्रचलन में मुद्रा (सीआईसी) 11.9 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 41.6 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई। इसमें 4.4 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जो नोटबंदी के बाद की अवधि से सबसे अधिक है। इस दौरान यूपीआई से लेनदेन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो मूल्य के हिसाब से 20.6 प्रतिशत बढ़कर 314 लाख करोड़ रुपये और मात्रा के हिसाब से 30 प्रतिशत बढ़कर 241.6 अरब हो गया।

इसके अलावा पिछले दशक में प्रति व्यक्ति मुद्रा रखने में वृद्धि मोटे तौर पर आय में बढ़ोतरी के अनुरूप रही है, लेकिन इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी गति रही। इसकी वजह डिजिटल भुगतानों में बढ़ोतरी है।

वित्त वर्ष 2012 में प्रति व्यक्ति जीडीपी 71,609 रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2026 में 2.5 लाख करोड़ रुपये हो गई।

प्रति व्यक्ति जीडीपी 9.4 प्रतिशत की सीएजीआर (चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर) के हिसाब से बढ़ी है। इस दौरान प्रति व्यक्ति चलन में मुद्रा 8,762 रुपये से बढ़कर 29,324 रुपये हो गई, जिसकी वृद्धि दर थोड़ी कम, 9.0 प्रतिशत सीएजीआर पर है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दो वृद्धि दरों के बीच 40 आधार अंक का अंतर है, जो प्रति व्यक्ति यूपीआई लेनदेन के लगभग बराबर है। वित्त वर्ष 2026 में यह 1,301 रुपये अनुमानित है।

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First Published - April 24, 2026 | 10:18 PM IST

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