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भारती सीमेंट के मुनाफे पर दबाव

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Last Updated- December 12, 2022 | 9:17 AM IST

परिचालन राजस्व में वृद्घि के साथ साथ हाल के उन वर्षों में भारती सीमेंट को मुनाफे पर दबाव का भी सामना करना पड़ा। इस कंपनी पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के परिवार का स्वामित्व है।
दो बार मुख्यमंत्री रहे वाईएसआर रेड्डी के बेटे जगन मोहन ने 2019 में सरकार की कमान संभालने के लिए एन चंद्रबाबू नायडू को पराजित किया था। उनके परिवार की हिस्सेदारी वाली भारती सीमेंट कॉरपोरेशन को उनके नेतृत्व वाली राज्य सरकार से बड़े ऑर्डर मिलने की वजह से आरोपों का सामना करना पड़ा हे। हालांकि अधिकारियों ने सरकार द्वारा किसी तरह के पक्षपातपूर्ण रवैये से इनकार किया है।
भारती सीमेंट कॉरपोरेशन का कुल लाभ तीन वर्षों 2016 और 2018 के बीच 7.9 प्रतिशत गिर गया था।
कुल लाभ 2016 में 204.7 करोड़ रुपये था। वहीं वर्ष 2018 में यह 188.5 करोड़ रुपये रह गया। यह कमजोरी ऐसे समय में दर्ज की गई जब समान अवधि में परिचालन राजस्व 12.9 प्रतिशत बढ़कर 1,623.7 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे पर दबाव में ऊंची उत्पादन लागत का अहम योगदान रहा। खर्चों से संबंधित आंकड़ों से पता चलता है कि यह लागत 2016 के 138.4 करोड़ रुपये से बढ़कर 2018 में 185 करोड़ रुपये हो गई। इसके अलावा अन्य खर्च में भी इजाफा दर्ज किया गया था। यह 894 करोड़ रुपये से 21.2 प्रतिशत बढ़कर 1,083.8 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने रेड्डी को मुख्यमंत्री बने करीब 20 साल पूरे किए हैं। इसकी स्थापना रघुराम सीमेंट्स ऐंड मिनरल्स के तौर पर 12 मई, 1999 को की गई थी। अगस्त 2008 में इसका नाम बदलकर भारती  किया गया था। फ्रेंच गु्रप विकेट एसए ने अप्रैल 2010 में इस कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी खरीद ली थी। वेबसाइट के अनुसार समूह की अब इस कंपनी में 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वेबसाइट में यह भी कहा गया है कि उसका 50 लाख टन सालाना क्षमता वाला एक सीमेंट संयंत्र, दो खदानें, एक लैमिनेट बैग निर्माण इकाई, एक कंक्रीट बैच प्लांट है और वह पांच दक्षिणी राज्यों में परिचालन करती है। कंपनी श्रीलंका के लिए भी निर्यात करती है।
घरेलू मांग में सुस्ती के बीच कंपनी पर पक्षपातपूर्ण तरीके से ऑर्डर मिलने के आरोप लगे हैं। केयर रेटिंग्स की 5 जनवरी को पेश की गई शोध रिपोर्ट के अनुसार, सीमेंट उत्पादन 2020-21 के पहले आठ महीनों के लिए 19.5 प्रतिशत घट गया है। क्षमता इस्तेमाल अप्रैल और नवंबर के बीच आ आठ महीने की अवधि में आधे से कम (48 प्रतिशत) रह गया।
रिपोर्ट में कहा गया है, ‘यह देखते हुए कि मौजूदा समय में सरकार की वित्तीय स्थिति पर दबाव है, सभी इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निर्माण बहाल नहीं हुआ है, जिससे इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण की दिशा में नए निवेश की राह प्रभावित हो रही है और इस तरह से सीमेंट के लिए मांग प्रभावित हुई है।’

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First Published - January 25, 2021 | 12:03 AM IST

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