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RBI का बड़ा कदम: OMO के जरिए बैंकिंग सिस्टम में डाले ₹50,000 करोड़, खरीदी सरकारी प्रतिभूतियां

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फिलहाल बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी (जरूरत से ज्यादा नकदी) करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है

Last Updated- March 09, 2026 | 5:35 PM IST
reserve bank of india (rbi)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को ओपन मार्केट ऑपरेशन (OMO) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर बैंकिंग सिस्टम में 50,000 करोड़ रुपये डाले। आरबीआई ने बयान में कहा कि उसने 13,507 करोड़ रुपये मूल्य के 6.33 फीसदी सरकारी प्रतिभूति जीएस 2035 बॉन्ड, 13,494 करोड़ रुपये मूल्य के 6.01 फीसदी जीएस 2030 बॉन्ड, 8,157 करोड़ रुपये मूल्य के 6.10 फीसदी जीएस 2031 बॉन्ड, 6,955 करोड़ रुपये मूल्य के 7.30 फीसदी जीएस 2053 बॉन्ड खरीदे।

इनके अलावा 4,479 करोड़ रुपये मूल्य के 7.18 फीसदी जीएस 2033 बॉन्ड, 2,304 करोड़ रुपये मूल्य के 6.92 फीसदी जीएस 2039 बॉन्ड और 1,104 करोड़ रुपये के 6.19 फीसदी जीएस 2034 बॉन्ड खरीदे गए हैं।

Also Read: क्या अब ‘डिजिटल फ्रॉड’ का डर होगा खत्म? RBI के नए नियम से कैसे बचेगी आपकी मेहनत की कमाई 

RBI ने बैंकिंग सिस्टम में क्यों डाला पैसा?

फिलहाल बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी (जरूरत से ज्यादा नकदी) करीब 2.41 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह OMO खरीद नीलामी बैंकिंग सिस्टम से बड़े पैमाने पर नकदी निकासी की आशंका को देखते हुए की गई। दरअसल, इस महीने के अंत में एडवांस टैक्स और जीएसटी के भुगतान होने वाले हैं।

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, चालू कैलेंडर वर्ष की शुरुआत से अब तक केंद्रीय बैंक OMO के जरिये सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद कर लगभग 2.50 लाख करोड़ रुपये की नकदी डाल चुका है।

(PTI इनपुट के साथ)

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First Published - March 9, 2026 | 5:35 PM IST

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