facebookmetapixel
FPIs का बिकवाली दौर जारी, जनवरी में निकाले ₹22,530 करोड़DGCA ने IndiGo पर लगाया ₹22.2 करोड़ का जुर्माना, दिसंबर में हुई उड़ान बाधाओं को बताया जिम्मेदारDelhi Air Pollution: दिल्ली की हवा अब ‘सर्जिकल मास्क’ वाली! AQI 500 के करीब; GRAP IV लागूTrump Tariffs: ग्रीनलैंड पर ट्रंप का अल्टीमेटम, डेनमार्क को टैरिफ की खुली धमकीWeather Update Today: उत्तर भारत में ठंड का डबल अटैक; घना कोहरा, बारिश और बर्फबारी का अलर्टCorporate Action Next Week: अगले हफ्ते बाजार में हलचल, स्प्लिट-बोनस के साथ कई कंपनियां बांटेंगी डिविडेंड1485% का बड़ा डिविडेंड! Q3 में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद हाल में लिस्ट हुई कंपनी ने निवेशकों पर लुटाया प्यार300% का तगड़ा डिविडेंड! IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी का निवेशकों को गिफ्ट, रिकॉर्ड डेट भी फिक्सICICI Bank Q3 Results: मुनाफा 4% घटकर ₹11,318 करोड़ पर, NII में 7.7% की बढ़ोतरीX पर लेख लिखिए और जीतिए 1 मिलियन डॉलर! मस्क ने किया मेगा इनाम का ऐलान, जानें पूरी डिटेल

यूरोप में युद्घ से आपूर्ति पर असर

Last Updated- December 11, 2022 | 8:26 PM IST

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज कहा कि रूस-यूक्रेन युद्घ के कारण भारत सहित दुनिया भर में आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है। वित्त विधेयक 2022 पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिहाज से शीर्ष पांच पसंदीदा ठिकानों में से एक बना हुआ है।
सीतारमण ने राज्य सभा में कहा, ‘महामारी से उबरने का दौर अभी जारी है। हम स्थिर कर व्यवस्था के साथ वृद्घि और सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भारत और दुनिया के सभी देश युद्घ के असर का सामना कर रहे हैं। इस युद्घ ने आपूर्ति, मूल्य शृंखला को प्रभावित किया है और वैश्विक बाजारों में स्थिति अभी सामान्य नहीं है।’
ऊपरी सदन ने विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक को पारित कर दिया तथा उसे लोकसभा के पास भेज दिया गया है। धन विधेयक होने की वजह से इसे राज्य सभा की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से वैश्विक बाजार में जिंसों के दामों में तेजी आई है, जिससे देश में मुद्रास्फीति बढ़ रही है। हालांकि रूस और यूक्रेन के बीच वार्ता सकारात्मक रहने से और कोरोनावायरस का प्रसार रोकने के लिए चीन द्वारा लॉकडाउन की नई घोषणा से तेल के बेंचमार्क दाम में आज नरमी आई है। हालांकि अभी भी कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है।
फरवरी में खुदरा मुद्रास्फीति मौद्रिक नीति समिति के लक्ष्य के पार करते हुए आठ महीने के उच्च स्तर 6.07 फीसदी पर रही। थोक मुद्रास्फीति भी इस दौरान बढ़कर 13.11 फीसदी पर पहुंच गई। इस बीच पेट्रोल और डीजल के दाम में पिछले आठ दिन में सातवीं बार बढ़ोतरी की गई। वित्त मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (अंकटाड) के अनुसार भारत एफडीआई के पांच शीर्ष अड्डों में से एक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के सात साल के शासन में देश में कुल 500.5 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया, जो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के 10 साल के कार्यकाल में हुए एफडीआई निवेश से 65 फीसदी अधिक है। विपक्षी सदस्यों द्वारा इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 1.15 लाख करोड़ रुपये एफपीआई निकासी की बात कहे जाने पर वित्त मंत्री ने यह जवाब दिया। सरकार ने वित्त विधेयक में 39 संशोधनों का प्रस्ताव किया था, जिनमें क्रिप्टो कराधान व्यवस्था में बदलाव, जुर्माना और पुनर्गणना वाली आय में उपकर एवं अधिभार की अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव है।
सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड शीघ्र ही अधिसूचना जारी करेगा ताकि निवेशकों के बीच क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर स्रोत पर 1 फीसदी टीडीएस को लेकर कोई संशय न रहे। वित्त मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने महामारी से उबरने के लिए संसाधन जुटाने की खातिर कराधान का रास्ता नहीं चुना है। उन्होंने कहा, ‘हमने कोविड कर नहीं लगाया है। प्रधानमंत्री की ओर से यह स्पष्ट निर्देश था कि हमें मौजूदा कर व्यवस्था बनाए रखनी चाहिए और अर्थव्यवस्था में सुधार सुनिश्चित करना चाहिए।’

First Published - March 29, 2022 | 11:17 PM IST

संबंधित पोस्ट