facebookmetapixel
Advertisement
NSE IPO: 17 सितंबर को खुलेगा इश्यू, SBI समेत ये कंपनियां बेचेंगी हिस्सा, GMP से पॉजिटिव लिस्टिंग के संकेत!NSE IPO में पैसा लगाएं या नहीं? प्राइस बैंड, वैल्यूएशन और ब्रोकरेज की राय समझेंप्याज की बढ़ती कीमतों से जल्द मिलेगी राहत, थोक बाजार में कम होने लगे दाम2,000 रुपये से ज्यादा के UPI भुगतान पर शुल्क का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, दायर हुई PIL6 साल बाद सरकार ने क्यों बदला UPI का नियम? क्या ₹20,000 करोड़ का खर्च है वजह, जानें 15 अक्टूबर से क्या बदलेगा39% तक का मिलेगा रिटर्न! मोतीलाल ओसवाल को पसंद BEL, M&M, टाइटन समेत ये 5 शेयरत्योहारों से पहले खाद्य तेल की रिकॉर्ड खरीदारी, आयात 11 महीने के उच्चतम स्तर परमल्टीबैगर Defence शेयर Solar Industries पर 3 ब्रोकरेज बुलिश, Omnia डील के बाद 46% तक तेजी की गुंजाइश₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर फीस क्यों? समझें 6 साल बाद क्यों बदला नियमछोटे कारोबारियों के लिए विदेश में सामान बेचना हुआ आसान, ₹3 लाख तक के निर्यात पर नहीं चाहिए RCMC

नया WPI और PPI सिस्टम लागू करने की तैयारी, DPIIT 15 जून को जारी करेगा संशोधित महंगाई सूचकांक

Advertisement

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि नए सूचकांकों में मासिक उत्पादन पीपीआई (वस्तुएं), प्रायोगिक मासिक इनपुट पीपीआई (वस्तुएं) और त्रैमासिक सेवा पीपीआई शामिल होंगे

Last Updated- June 02, 2026 | 10:07 PM IST
India WPI Inflation

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) 15 जून को 2022-23 को आधार वर्ष मानकर नया उत्पादक मूल्य सूचकांक (पीपीआई) और संशोधित थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) जारी करने जा रहा है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि नए सूचकांकों में मासिक उत्पादन पीपीआई (वस्तुएं), प्रायोगिक मासिक इनपुट पीपीआई (वस्तुएं) और त्रैमासिक सेवा पीपीआई शामिल होंगे। हालांकि 2011-12 को आधार वर्ष मानकर जारी की गई मौजूदा डब्ल्यूपीआई श्रृंखला के स्थान पर नई श्रृंखला आएगी।

पीपीआई की शुरुआत का उद्देश्य प्रणाली को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के साथ अधिक निकटता से जोड़ना और यह स्पष्ट करना है कि उत्पादकों द्वारा इनपुट वस्तुओं पर अनुभव की जाने वाली महंगाई उत्पादित वस्तुओं पर किस प्रकार प्रभाव डालती है।

मंत्रालय के अनुसार आउटपुट और इनपुट पीपीआई डब्ल्यूपीआई के विपरीत महंगाई की दोहरी गणना को समाप्त करने का अवसर प्रदान करता है। डीपीआईआईटी के प्रधान आर्थिक सलाहकार प्रवीण महतो ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘आप दीर्घकाल दोहरी अपस्फीति करने की स्थिति में होंगे।’

मंत्रालय ने कहा कि वाणिज्यिक अनुबंधों में मूल्य वृद्धि खंडों में डब्ल्यूपीआई के व्यापक उपयोग को देखते हुए संशोधित श्रृंखला जारी होने की तारीख से पांच वर्षों तक डब्ल्यूपीआई को पीपीआई के साथ जारी किया जाएगा और उसके बाद इसे बंद कर दिया जाएगा। मंत्रालय ने आगे कहा, ‘इससे उपयोगकर्ताओं को डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में बदलने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।’

महतो ने कहा कि पीपीआई में परिवर्तन शुरू होने के बावजूद डब्ल्यूपीआई महंगाई का आधिकारिक माप बना रहेगा। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के जल्द ही परिपत्र जारी किए जाने की उम्मीद है। इसमें उपयोगकर्ताओं को सूचित किया जाएगा कि अगले पांच वर्षों में वाणिज्यिक अनुबंधों को धीरे-धीरे डब्ल्यूपीआई से पीपीआई में बदल देना चाहिए।

नई डब्ल्यूपीआई श्रृंखला में 697 के बजाय 957 मदें होंगी और इसमें सौर, पवन और परमाणु बिजली को विद्युत समूह के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को प्राथमिक वस्तुओं से हटाकर ‘ईंधन और बिजली’ समूह में स्थानांतरित कर दिया गया है जबकि शुद्ध व्यापार मूल्य के बजाय सकल उत्पादन मूल्य (जीवीओ) का उपयोग करके भार की पुनर्गणना की गई है।

Advertisement
First Published - June 2, 2026 | 10:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement