मंदी के बढ़ते बवंडर के बीच सरकार ने आज आठवीं दौर की नई अन्वेषण लाइसेंस नीति (नेल्प-8) और चौथे दौर की कोल बेड मिथेन (सीबीएम-4) नीति को जारी कर दिया। नेल्प-8 के तहत अन्वेषण के लिए 70 ब्लॉकों को दिया जाएगा। यह किसी भी नेल्प के तहत जारी किए सबसे ज्यादा ब्लॉक हैं। सीबीएम-4 के […]
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देश से होने वाले निर्यात पर पिछले वित्त वर्ष के दौरान उम्मीदों के मुताबिक मंदी का असर नजर आया, जिसकी वजह से इसके आंकड़े लक्ष्य से कम ही रहे। लेकिन दूसरे देशों के उलट वित्त वर्ष 2007-08 के मुकाबले पिछले वर्ष के दौरान निर्यात में लगभग 3.44 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि मार्च महीने […]
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बांग्लादेश की यात्रा पर गए इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) के प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेश सरकार के समक्ष 5 अरब डॉलर के विशेष आर्थिक क्षेत्र का प्रस्ताव रखा है। इस बाबत प्रतिनिध मंडल ने सरकार से 150 एकड़ जमीन की मांग की है। आईसीसी के अध्यक्ष संजय बुधिया के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने यह भरोसा […]
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थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित महंगाई की दर 21 मार्च को समाप्त हुए सप्ताह में बढ़कर 0.31 फीसदी पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह यह दर 0.27 फीसदी थी। पिछले साल की समान अवधि में महंगाई की दर 7.85 फीसदी थी।
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साल 2008-09 विदा हो गया, लेकिन जाते हुए भी वह दुखदायी रहा और बुरी खबरें देकर गया। सबसे पहली खबर तो निर्यात के मोर्चे से ही आई। देश से होने वाले निर्यात में लगातार पांचवें महीने गिरावट आई है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी में भारत का निर्यात 21.7 फीसदी घट गया और […]
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मौजूदा वर्ष के फरवरी माह में निर्यात 21.7 फीसदी घट गया। अब यह 11.91 अरब डॉलर हो गया है। इसी महीने में आयात में भी 23.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इस माह 16.82 अरब डॉलर का आयात हुआ।
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अब कारोबारी समूहों और कंपनियों द्वारा खड़ी की गई होल्डिंग कंपनियां भी भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में आ सकेंगी। साथ ही इन कारोबारी समूहों के एनबीएफसी भी इसी दायरे में आएंगी। उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर काफी दिन से बहस चल रही थी और आरबीआई ने अब सिध्दांत रूप में इसकी सहमति दे […]
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मंदी की मार और मुश्किलों से भरे दिनों में नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा है, जल्द ही नई सरकार भी चुनी जानी है, तो नई उम्मीदें होनी लाजिमी हैं। लेकिन आर्थिक मोर्चे पर कुछ चोट खा चुकी अर्थव्यवस्था के लिए नए वर्ष में वाकई कोई खुशखबरी है या नहीं, इस पर कुछ भी कह […]
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सरकार ने आज कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से प्रमुख दरों में कमी के मद्देनजर बैंक विशेषकर निजी क्षेत्र के बैंक पर्याप्त रूप से ब्याज दरों में कटौती नहीं कर रहे हैं। सीआईआई की सालाना बैठक में कैबिनेट सचिव के एम चंद्रशेखर ने कहा कि बैंक विशेषकर निजी क्षेत्र के बैंकों ने ब्याज […]
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ब्याज दरों में कमी का बैंक के उधारी और जमा कारोबार पर भी असर देखने को मिल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को जो आंकड़े जारी किए हैं उसके अनुसार पिछले तीन महीनों में पहली बार सूचीबध्द वाणिज्यिक बैंकों, जिसमें ग्रामीण बैंक भी शामिल हैं, के जमा आधार (डिपॉजिट बेस) में कमी आई […]
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