facebookmetapixel
Advertisement
कमजोर रिटर्न से AMC कंपनियों की बढ़ी मुश्किल, ब्रोकरेज ने बताए अपने टॉप पिकन्यू टैक्स रिजीम के हिसाब से दिया टैक्स, पर ओल्ड रिजीम से भरा ITR तो क्या होगा? दिल्ली ITAT ने किया साफचीनी मिलों पर सरकार सख्त, पेराई सीजन शुरू होने से पहले करना होगा किसानों का बकाया भुगतानNPS वात्सल्य से जुड़े 4.9 लाख बच्चे! कैसे इस स्कीम से जुड़कर आप अपने संतान का भविष्य सुरक्षित कर सकते हैं?नेस्ले पर FSSAI का शिकंजा! NAN और Lactogen के दावों पर उठे सवाल, बायोटिन टेस्ट में भी मिली गड़बड़ीNSE IPO दूसरे दिन दोगुना भरा, QIB और NII से भारी डिमांड, लेकिन ग्रे मार्केट से सुस्त संकेतअदाणी ग्रुप के शेयरों में 15% तक उछाल, जेफरीज ने इन 4 शेयरों पर दी BUY रेटिंग, 43% तक अपसाइड के टारगेटभारत में iPhone 18 का क्रेज: Apple स्टोर्स पर खरीदारों की लगीं लाइनेंDefence PSU: दुगराजपट्टनम में नया शिपयार्ड बनाएगी मझगांव डॉक, ₹15,000 करोड़ का करेगी निवेश, शेयर उछलासरकार की कमाई बढ़ी! प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹12.12 लाख करोड़ के पार, STT कलेक्शन में 53% इजाफा

प्रतिद्वंद्वी अर्थव्यवस्थाओं में भारत में इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों पर इंपोर्ट ड्यूटी सबसे ज्यादा : रिपोर्ट

Advertisement

पांच देशों में इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में पुर्जों के आयात पर शुल्क का अध्ययन करने के बाद आईसीईए ने इंपोर्ट ड्यूटी को लेकर यह रिपोर्ट जारी की

Last Updated- July 06, 2023 | 4:37 PM IST
electronic items

भारत में इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में कलपुर्जों के आयात (import) पर अन्य प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे ऊंचा शुल्क है। पांच देशों में इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में पुर्जों के आयात पर शुल्क का अध्ययन करने के बाद उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।

आईसीईए ने गुरुवार को कहा कि ज्यादा शुल्क से प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ता है। उद्योग ने इसे कम कर वियतनाम व अन्य प्रतिस्पर्धी देशों के समान करने की मांग की है।

आईसीईए ने कहा कि यह अध्ययन वित्त वर्ष 2025-26 तक 120 अरब डॉलर के निर्यात सहित 300 अरब डॉलर के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए भारत की प्रतिस्पर्धी क्षमता का मूल्यांकन करने के लिए जरूरी है।

इन देशों से भारत में ज्यादा है आयात शुल्क

आंकड़ों के अनुसार, भारत में शुल्क वियतनाम (एफटीए शुल्क के लिए) की तुलना में 98 प्रतिशत तक ज्यादा है और थाइलैंड से यह 90 प्रतिशत अधिक है।

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के शीर्ष निकाय आईसीईए ने रिपोर्ट में बताया कि प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं में भारत की तुलना में शुल्क श्रेणियों दोगुना या अधिक हैं। शून्य शुल्क श्रेणी भी उन देशों में ज्यादा हैं। आईसीईए ने अपने शोध में पांच देशों- भारत, चीन, वियतनाम, थाइलैंड और मेक्सिको में 120 प्रमुख कलपुर्जों पर शुल्क दरों का आकलन किया है।

ये भी पढ़ें: बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक मैनेजमेंट की वजह से भारत सस्टेनेबल ग्रोथ की राह पर : वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट

Advertisement
First Published - July 6, 2023 | 4:37 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement