facebookmetapixel
Advertisement
IT डिपार्टमेंट ने ‘स्वैपिंग प्रोविजन्स’ के लिए 20,000 ITRs को किया फ्लैग: जानें अब आपके पास क्या है रास्ताEPFO की EDLI स्कीम: कर्मचारियों को मिलता है ₹7 लाख तक का फ्री लाइफ इंश्योरेंस, ऐसे कर सकते हैं क्लेमअगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं ट्रंप, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारीनिवेशक दें ध्यान! अगले हफ्ते कजारिया सेरामिक्स समेत ये 3 कंपनियां करेंगी शेयर बायबैक, जानें पूरी डिटेलDividend Stocks: अगले हफ्ते खुलेगा कमाई का पिटारा, टाटा-महिंद्रा-बजाज समेत 46 कंपनियां बांटेगी डिविडेंडAIF Market: पश्चिम एशिया संकट थमने से वैकल्पिक निवेश फंडों में लौटी रौनक, HNIs का बढ़ा भरोसाभारतीय फिनटेक कंपनियों की नजर अब ग्लोबल मार्केट पर, स्ट्राइप-पेपाल की तर्ज पर दुनिया भर में लाइसेंस लेने की होड़इनवेस्को सहित कई फंड कंपनियों ने नए निवेश पर लगाई रोक, पर निवेशक गोल्ड ETF खरीदें, बेचें या होल्ड करें?EMI नहीं चुका पाने के चलते बैंक वाले उठा ले गए बाइक? जानिए क्या हैं आपके पास कानूनी अधिकारSME IPO में करने जा हैं निवेश? सिर्फ GMP देखकर न फंसें, नुकसान से बचने के लिए इन फैक्टर्स का भी रखें ध्यान

मई में सुस्त पड़ी बुनियादी ढांचे की रफ्तार, कोर सेक्टर्स की ग्रोथ 7 महीने के निचले स्तर 0.5% पर आई

Advertisement

मई 2026 में देश के आठ कोर सेक्टर्स की ग्रोथ घटकर सात महीने के निचले स्तर 0.5% पर आ गई है। पांच मुख्य उद्योगों में गिरावट इसका बड़ा कारण रही

Last Updated- June 22, 2026 | 6:00 PM IST
Industry

देश के बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) की रफ्तार में मई के महीने में सुस्ती देखने को मिली है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के आठ प्रमुख कोर सेक्टर्स की विकास दर मई 2026 में घटकर सात महीने के निचले स्तर 0.5 प्रतिशत पर आ गई है। पिछले साल के मुकाबले इस आंकड़े में बड़ी गिरावट आई है, क्योंकि मई 2025 में इन सेक्टर्स की ग्रोथ रेट 1.2 प्रतिशत दर्ज की गई थी। वहीं, इस साल अप्रैल के महीने से तुलना करें तो तब यह आंकड़ा 1.8 प्रतिशत पर था, जिसके मुकाबले मई में इसमें मामूली कमी आई है।

आंकड़ों के मुताबिक, आठ में से पांच प्रमुख सेक्टर्स के उत्पादन में इस महीने गिरावट (निगेटिव ग्रोथ) देखी गई है, जिनमें कोयला, कच्चा तेल (क्रूड ऑयल), नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स और फर्टिलाइजर (उर्वरक) शामिल हैं। इन मुख्य सेक्टर्स के कमजोर प्रदर्शन की वजह से ही कुल ओवरऑल ग्रोथ पर असर पड़ा है। आपको बता दें कि देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में इन आठ कोर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर्स की हिस्सेदारी 40.27 प्रतिशत होती है, जो देश की औद्योगिक गतिविधि को मापने का एक बेहद अहम पैमाना है।

Advertisement
First Published - June 22, 2026 | 6:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement