facebookmetapixel
Advertisement
पूरी तरह बदल गया ट्रेंड! क्यों पुराने लॉयल्टी प्रोग्राम्स छोड़ ‘इंस्टेंट डिजिटल रिवॉर्ड्स’ के दीवाने हो रहे युवा?Dividend Stocks: अगले हफ्ते रिलायंस और HDFC AMC समेत 19 कंपनियां बांटने जा रही हैं मुनाफा, चेक करें लिस्टBonus Stocks: निवेशकों की मौज! अगले हफ्ते ये दो कंपनियां बाटेंगी बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटVedanta का महाप्लान: अगले 3 साल में $20 अरब का निवेश, अनिल अग्रवाल बोले- जोखिम उठाना मेरी आदत‘डिजिटल पेमेंट में एजेंटिक AI के लिए बने मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क’, NPCI प्रमुख दिलीप आसबे का बड़ा बयानमई में 49 लाख बैरल पहुंचा देश का क्रूड इंपोर्ट, रूस से तेल और अमेरिका से गैस का आयात रिकॉर्ड स्तर परसुप्रीम कोर्ट से रिलायंस को बड़ी राहत: SEBI का ₹447 करोड़ का वसूली आदेश रद्द, वापस मिलेंगे ₹250 करोड़म्यूचुअल फंड्स को लगा बड़ा झटका: नए निवेशकों की रफ्तार 3 साल के निचले स्तर पर, अप्रैल में भारी गिरावटTV पर अब हर घंटे 12 मिनट से ज्यादा विज्ञापन नहीं दिखा पाएंगे चैनल्स, नहीं चलेगी ब्रॉडकास्टर्स की मनमानीEruditus को अगले 5 साल में कुल कमाई का आधा हिस्सा भारत से आने की उम्मीद: अश्विन दामेरा

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बड़ा अपडेट: वॉशिंगटन में 4 दिनों की वार्ता संपन्न, डील की ओर बढ़े कदम

Advertisement

वॉशिंगटन में हुई चार दिवसीय वार्ता के बाद भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को मजबूती मिलेगी

Last Updated- April 24, 2026 | 10:41 PM IST
India US Trade
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत के वाणिज्य विभाग ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में 4 दिनों तक चली ‘सार्थक और भविष्योन्मुखी चर्चाओं’ के बाद भारत और अमेरिका के वार्ताकारों ने अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप देने और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के तहत बातचीत आगे बढ़ाने में प्रगति की है।

बयान के मुताबिक, ‘अंतरिम समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने और व्यापक बीटीए के तहत बातचीत आगे बढ़ाने के लिए भारतीय पक्ष अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ आमने-सामने की बैठकों के लिए वाशिंगटन गया था। बैठकें रचनात्मक और सकारात्मक भावना के साथ हुईं, जिनमें सार्थक और भविष्योन्मुखी चर्चाओं से प्रमुख मसलों पर प्रगति हुई है। दोनों पक्षों ने इस गति को बनाए रखने के लिए बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई है।’

 वाणिज्य विभाग ने बताया कि बाजार तक पहुंच, गैर शुल्क उपाय, व्यापार की तकनीकी बाधाएं, सीमा शुल्क और व्यापार सुविधा, निवेश संवर्धन, आर्थिक सुरक्षा संरेखण और डिजिटल व्यापार जैसे कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

 मुख्य व्यापार वार्ताकार दर्पण जैन के नेतृत्व में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल 20 से 24 अप्रैल के बीच अमेरिका के अधिकारियों के साथ एक और दौर की चर्चा के लिए वाशिंगटन डीसी गया था।

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा था कि अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ता में भारत एक ऐसी व्यवस्था को अंतिम रूप देना चाहता है, जिसके माध्यम से वह अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अमेरिकी बाजार में तरजीही पहुंच सुरक्षित कर सके।

उन्होंने कहा, ‘हमने उनके साथ मुक्त व्यापार समझौते को करीब अंतिम रूप दे दिया है। हम  उसे सजाने संवारने का प्रयास कर रहे हैं और ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रहे हैं, जिससे भारत अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अमेरिका में तरजीही बाजार पहुंच प्राप्त कर सके। भारतीय दल वाशिंगटन में रहते हुए इन पहलुओं पर चर्चा करेगा।’

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा था कि भारत और अमेरिका एक संतुलित और एक दूसरे के लिए लाभकारी व्यापार समझौते तक पहुंचने के मकसद से रचनात्मक बातचीत कर रहे हैं।

 उन्होंने कहा, ‘ये बातचीत चल रही है और सकारात्मक है। दोनों पक्ष एक संतुलित, दोनों के लिए लाभदायक और भविष्योन्मुखी व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं, जिसमें एक-दूसरे की चिंताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा गया है। इसमें 2030 तक 500 अरब डॉलर के व्यापार करने का लक्ष्य है।’

अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने 20 फरवरी को राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के देश विशेष पर जवाबी शुल्क लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (आईईईपीए) के उपयोग का अधिकार रद्द कर दिया था। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का एक समान अधिभार लगाया था।

Advertisement
First Published - April 24, 2026 | 10:06 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement