वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत के ‘अगले कदमों’ पर शुक्रवार को चर्चा की।
यह चर्चा कैमरून के याउंडे में चल रहे विश्व व्यापार संगठन के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान हुई। गोयल और ग्रीर ने एमसी 14 के एजेंडे पर भी बात की। गोयल ने एक्स पर कहा, ‘मेरी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान अमेरिकी मंत्री जेमिसन ग्रीर के साथ बहुत ही सार्थक चर्चा हुई। हमने डब्ल्यूटीओएमसी14 के एजेंडा, भारत-अमेरिका बीटीए वार्ता में आगे के कदमों पर विचार-विमर्श किया और आर्थिक सहयोग एवं द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को अधिक मजबूत करने के तरीकों पर विचार किया।’
अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने अमेरिकी राष्ट्रपित डॉनल्ड ट्रंप के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम का उपयोग करके देश-विशिष्ट ‘पारस्परिक’ शुल्क लगाने के अधिकार को रद्द कर दिया था। इस घटनाक्रम के बाद पहली बार गोयल और ग्रीर के बीच व्यक्तिगत मुलाकात हुई है। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10 प्रतिशत का एकमुश्त अधिभार लगा दिया।
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इस महीने की शुरुआत में एक वरिष्ठ भारतीय सरकारी अधिकारी ने कहा था कि भारत अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेगी जब तक प्रशासन नई वैश्विक शुल्क संरचना के साथ ‘तैयार’ नहीं हो जाता। दोनों देशों ने 2 फरवरी को व्यापार समझौते की घोषणा की थी और मार्च तक इस पर हस्ताक्षर करने की योजना बनाई थी।
इस संबंध में 7 फरवरी को संयुक्त बयान जारी किया गया और रूस से तेल आयात करने के कारण अमेरिका द्वारा भारत के कुछ निर्यातों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य-आधारित शुल्क हटा दिए गए। अंतरिम समझौते के अनुसार अमेरिका भारत पर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हो गया था।