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GST ग्रोथ रेट 5 साल के निचले स्तर पर, कई वर्षों की रफ्तार के बाद राजस्व संग्रह में दिखी सुस्ती

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अप्रैल में जीएसटी संग्रह ₹2.43 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 की कुल वृद्धि दर पांच साल के निचले स्तर पर सिमट गई है

Last Updated- May 01, 2026 | 10:21 PM IST
GST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

क्षतिपूर्ति उपकर सहित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) राजस्व के विश्लेषण से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 में वृद्धि घटकर 5 साल के निचले स्तर 5.57 प्रतिशत पर आ गई। जीएसटी संग्रह वित्त वर्ष 2025 के 22.08 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 23.32 लाख करोड़ रुपये रही है। हालांकि आयात से राजस्व में 12.8 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे घरेलू राजस्व और बाहरी स्रोतों से आए राजस्व के बीच बड़े अंतर का पता चलता है।

आधिकारिक समग्र आधार पर सकल संग्रह में पिछले साल की तुलना में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 22.27 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 20.56 लाख करोड़ रुपये (उपकर को छोड़कर) था। 

सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल में जीएसटी से सकल राजस्व सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत बढ़कर  2.43 लाख करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो मार्च में 2 लाख करोड़ रुपये (उपकर को छोड़कर) था।

इसके अलावा शुद्ध संग्रह में 7.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह वित्त वर्ष 2027 के पहले महीने में 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़ों से पता चलता है कि प्राप्तियों में वृद्धि 2020-21 में दर्ज 7 प्रतिशत के संकुचन के बाद सबसे कम रही है। इससे कई वर्षों की मजबूत दोहरे अंक की वृद्धि के बाद सुस्ती साफ नजर आती  है। 

नवंबर 2025 से वित्त मंत्रालय ने कुल जीएसटी आंकड़ों से उपकर प्राप्तियों को अलग कर दिया है। मंत्रालय ने यह तर्क देते हुए इसे अलग किया कि क्षतिपूर्ति उपकर एक अस्थायी व्यवस्था है।  सकल संग्रह और रिफंड दोनों को उपकर सहित समायोजित करने के बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 4 प्रतिशत बढ़कर 2.03 लाख करोड़ रुपये हो गया।  इसमें रिफंड 2.98 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो 17.9 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा पुनर्गठित जीएसटी व्यवस्था के लागू होने के वर्ष को दर्शाता है। 

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First Published - May 1, 2026 | 9:55 PM IST

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