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राजकोषीय घाटा फरवरी के अंत तक 82.7 प्रतिशत पर

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Last Updated- December 11, 2022 | 8:20 PM IST

सरकार का राजकोषीय घाटा फरवरी, 2022 के अंत तक पूरे साल के बजट लक्ष्य का 82.7 प्रतिशत रहा है। बृहस्पतिवार को जारी सरकार आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। सरकार का खर्च बढऩे की वजह से राजकोषीय घाटा भी ऊंचा रहा है।
इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में राजकोषीय घाटा या व्यय और राजस्व के बीच का अंतर 2020-21 के संशोधित अनुमान (आरई) का 76 प्रतिशत था। लेखा महानियंत्रक (सीजीए) की ओर जारी आंकड़ों के अनुसार, निरपेक्ष रूप से फरवरी के अंत तक राजकोषीय घाटा 13,16,595 करोड़ रुपये रहा है।
सीजीए के अनुसार, सरकार की राजस्व प्राप्तियां 2021-22 के बजट के संशोधित अनुमान का 18.27 लाख करोड़ रुपये या 83.9 प्रतिशत रही हैं। 2020-21 की समान अवधि में यह 88.2 प्रतिशत थीं। आंकड़ों के अनुसार, सरकार का कुल व्यय संशोधित अनुमान का 83.4 प्रतिशत या 31.43 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे पूर्व वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह संशोधित अनुमान का 81.7 प्रतिशत था।
सरकार का 31 मार्च, 2022 यानी आज समाप्त हो रहे चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.8 प्रतिशत या 7.1 लाख करोड़ रुपये पर सीमित रखने का लक्ष्य है। 

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First Published - April 1, 2022 | 12:18 AM IST

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