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एथनॉल खरीद मूल्य दो रुपये तक बढ़ेंगे

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:23 PM IST

 केंद्र सरकार 2022-23 सत्र (नवंबर-दिसंबर) के लिए सभी श्रेणी के एथनॉल के लिए खरीद मूल्य 2 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा सकती है।  इसके विपरीत, एथनॉल निर्माण उद्योग उस कीमत में तेज वृद्धि पर उत्साहित दिख रहा है जिस पर तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) अगले साल उनसे इथेनॉल खरीदेंगी। 
पेट्रोलियम मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘आंतरिक विमर्शों के आधार पर यह समझा गया है कि एथनॉल की खरीद मूल्य में 2 रुपये प्रति लीटर तक वृद्धि हो सकती है। यह ऊपरी सीमा है जिसपर हम सभी संतुष्ट है।’
मंत्री के पास विवरण भेज दिया गया है और अब अंतिम निर्णय उन्हें और कैबिनेट को लेना है। दूसरे देशों के विपरीत, भारत में एथनॉल खरीद मूल्य गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) से जुड़ा है। जो 2021-22 (सितंबर-अक्टूबर) 290 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2022-23 (10.25 फीसदी के मूल वसूली के लिए) में 305 रुपये प्रति क्विंटल हो गया।
मौजूदा एथनॉल आपूर्ति वर्ष 2021-22 (दिसंबर-नवंबर) में सरकार ने विभिन्न स्रोतों से  उत्पादित होने वाले तीनों प्रकार के एथनॉल की खरीद मूल्य में 1.27 से लेकर 2.55 फीसदी का इजाफा किया है। गन्ने के अपशिष्ट से बनने वाले एथनॉल के खरीद मूल्य को 45.69 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 46.66 रुपये प्रति लीटर किया गया है और बी-भारी श्रेणी से बनने वाले एथनॉल की खरीद कीमत 57.61 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 59.08 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है।
उद्योग के एक बड़े अधिकारी ने कहा, ‘हालांकि, उद्योग को अगले साल उच्च दर पर एथनॉल खरीद की उम्मीद है, यह देखते हुए कि यह एफआरपी से जुड़ा है इसलिए वृद्धि मध्यम हो सकती है।’साथ ही उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
भारत की योजना 2025 तक मिश्रण को 20 फीसदी तक बढ़ाने की है। भारत को अपने तेल आयात बिल में कटौती करने में मदद करने के साथ-साथ गन्ना किसानों और मिलों को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्र पेट्रोल में एथनॉल के सम्मिश्रण पर प्रमुख रूप से दांव लगाया है। तेल मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि उन पर एथनॉल की खरीद मात्रा को बढ़ाने का दबाव नहीं है, क्योंकि एथनॉल सम्मिश्रण के इष्टतम स्तर को प्राप्त करने के लिए प्रस्तावित समयरेखा पटरी पर है।

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First Published - September 19, 2022 | 10:30 PM IST

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