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ईपीएफओ ने सितंबर में 16.82 लाख सदस्य जोड़े

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Last Updated- December 10, 2022 | 11:10 AM IST

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने सितंबर 2022 में 16.82 लाख सदस्य जोड़े हैं। यह संख्या सितंबर 2021 की तुलना में 9.14 फीसदी अधिक है। श्रम मंत्रालय ने रविवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी। इसके मुताबिक करीब 2,861 नए प्रतिष्ठानों ने अपने कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवर सुनिश्चित करते हुए कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम,1952 का अनुपालन शुरू किया है।
ईपीएफओ के मुताबिक नियमित वेतन पर रखे गये कर्मचारियों की संख्या सालाना आधार पर सितंबर 2022 के दौरान 21.85 फीसदी अधिक रही। सितंबर के दौरान कुल 16.82 लाख सदस्यों में से लगभग 9.34 लाख नये सदस्य पहली बार ईपीएफओ के दायरे में आए हैं। इस दौरान जोड़े गए नए सदस्यों में से लगभग 2.94 लाख 18 से 21 वर्ष के आयु वर्ग के हैं। 2.54 लाख सदस्य 21-25 वर्ष आयुवर्ग से हैं।
वहीं करीब 58.75 फीसदी 18-25 वर्ष आयुवर्ग के हैं। आंकड़ों के अनुसार, करीब 7.49 लाख सदस्य योजना से बाहर निकले लेकिन ईपीएफओ के तहत आने वाले प्रतिष्ठानों में फिर से शामिल हो गए। वहीं मासिक आधार पर ईपीएफओ से निकलने वाले सदस्यों की संख्या इससे पिछले महीने की तुलना में 9.65 फीसदी कम रही। 

 6-7 फीसदी की दर से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था 
नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने दुनिया के मंदी में जाने की बढ़ती आशंकाओं के बीच कहा है कि भारत इससे अछूता रहेगा। उन्होंने कहा कि अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों से भारतीय अर्थव्यवस्था प्रभावित जरूर हो सकती है, लेकिन अगले वित्त वर्ष भारतीय अर्थव्यवस्था 6 से 7 फीसदी की दर से बढ़ेगी। कुमार ने कहा कि अमेरिका, यूरोप, जापान और चीन की अर्थव्यवस्थाएं नीचे आ रही हैं। ऐसे में यह स्थिति आने वाले महीनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी की ओर ले जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि भारत में मंदी की ऐसी कोई आशंका नहीं है।
एनपीजी ने 250 ढांचागत परियोजनाओं को आगे बढ़ाया 
पीएम गतिशक्ति पहल के तहत गठित नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) ने पिछले साल अक्टूबर से विभिन्न मंत्रालयों की 250 से अधिक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करने के बाद उन्हें आगे बढ़ाने की सिफारिश की है। ये परियोजनाएं रेल, सड़क और बंदरगाह जैसे क्षेत्रों की हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉजिस्टिक्स की लागत को घटाने और एकीकृत बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 13 अक्टूबर को गतिशक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान का शुभारंभ किया था।
500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली सभी लॉजिस्टिक्स और संपर्क ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को पीएम गतिशक्ति पहल के तहत गठित एनपीजी के माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है। अधिकारी ने कहा, ‘पिछले एक साल के दौरान राष्ट्रीय मास्टर प्लान और पीएम गतिशक्ति संस्थागत ढांचे से 250 से अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की जांच की गई है।

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First Published - November 20, 2022 | 10:28 PM IST

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