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मार्च में ईसीबी के प्रस्ताव 10 अरब डॉलर के पार

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ह बीते 72 महीनों में सर्वाधिक मासिक राशि है।

Last Updated- May 14, 2025 | 11:10 PM IST
RBI

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को मार्च 2025 में गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों सहित भारतीय कंपनियों से बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के लिए 11.04 अरब डॉलर जुटाने के प्रस्ताव मिले। यह बीते 72 महीनों में सर्वाधिक मासिक राशि है।

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 में स्वचालित मार्ग से धन जुटाने की मंशा 8.34 अरब डॉलर थी और अनुमोदन मार्ग से 2.69 अरब डॉलर थी। रिजर्व बैंक और ब्लूमबर्ग से प्राप्त आंकड़ों से बिजनेस रिसर्च ब्यूरो को जानकारी मिली कि वित्त वर्ष 25 में कुल ईसीबी के लिए प्रस्ताव 61.18 अरब डॉलर थे। यह प्रस्ताव वित्त वर्ष 24 में 48.81 अरब डॉलर और वित्त वर्ष 23 में 25.98 अरब डॉलर से अधिक थे।

रिजर्व बैंक को मार्च 2025 में आवेदन करने की इच्छुक प्रमुख कंपनियों में जेएस डब्ल्यू स्टील लिमिटेड थी और इसने पुराने ईसीबी के लिए फिर धन जुटाने के लिए 90 करोड़ डॉलर की ईसीबी का आवेदन किया था।  कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के कारोबार में काम कर रही सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने 45 करोड़ डॉलर जुटाने के लिए आवेदन किया। हालांकि इसने धन जुटाने के कारण का खुलासा नहीं किया। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार ओएनजीसी विदेश ने विदेश में संयुक्त उपक्रम और पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई के निवेश करने के लिए 15 करोड़ डॉलर ईसीबी का एक और आवेदन किया था। सरकारी कंपनी ओएनजीसी की इकाई मैंगलोर रिफाइनरी ऐंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने ईसीबी से जुटाए गए धन के लिए फिर से धन जुटाने के वास्ते 50 करोड़ डॉलर मूल्य की ईसीबी का आवेदन किया था।

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First Published - May 14, 2025 | 11:10 PM IST

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