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चालू खाते का घाटा जीडीपी का 1 फीसदी

Last Updated- December 12, 2022 | 3:07 AM IST

भारत के चालू खाता जमा में मार्च 2021 में समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी ) का 1 फीसदी (8.1 अरब डॉलर) घाटा नजर आया जिससे आर्थिक गतिविधि के जोर पकडऩे का संकेत मिलते हैं। वित्त वर्ष 2020 की चौथी तिमाही में चालू खाता जीडीपी के 0.1 फीसदी (0.6 अरब डॉलर) अधिशेष में था।
चालू खाते का घाटा (सीएडी) वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (2.2 अरब डॉलर) का 0.3 फीसदी पर था।
भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक वित्त वर्ष 2021 के पूरे वर्ष के लिए जमा में जीडीपी के 0.9 फीसदी का अधिशेष दर्ज किया गया जबकि वित्त वर्ष 2020 में 0.9 फीसदी का घाटा हुआ था।   
इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि आयात मांग के सामान्य होने के साथ साथ सोने के आयात में तेजी से वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में सीएडी में इजाफा हुआ जो उससे पिछली तिमाही में 1.7 अरब डॉलर पर रहा था। यह स्थिति इसके बावजूद बनी जब मार्च 2021 में निर्यातों में काफी वृद्घि हुई थी।
वित्त वर्ष 2021 की चौथी तिमाही में चालू खाते का घाटा मुख्य तौर पर पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले उच्च व्यापारिक घाटे और शुद्घ अदृश्य प्राप्तियों के कम रहने के कारण हुआ।

First Published - July 1, 2021 | 12:33 AM IST

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