facebookmetapixel
Advertisement
ऑटो PLI पर फॉरेक्स असर: वाहन कंपनियों ने फिक्स्ड एक्सचेंज रेट की मांग उठाईट्रैक्टर से आगे बढ़कर फुल-स्केल फार्म मशीनीकरण पर महिंद्रा का बड़ा दांवEditorial: आश्चर्यजनक वृद्धि, लेकिन आगे की राह चुनौतियों भरीविदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए RBI ने खोले रास्ते, बॉन्ड बाजार में बड़ा बदलाव‘ब्रांड इंडिया’ के लिए सबसे बड़ा खतरा: भारत के जर्जर और असफल होते शहरबाजार हलचल : एक जैसा मगर अलग, अदाणी ग्रुप को फंड्स का सहारामिरे असेट CIO नीलेश सुराणा बोले: गिरावट का दौर पीछे छूटा, वैल्यूएशन के कारण दोबारा रेटिंग की गुंजाइशमिडकैप-स्मॉलकैप की मजबूती से मई में कैश मार्केट 22 महीने के हाई पर, F&O ट्रेडिंग सुस्त बनी रहीनकदी मुहैया कराने वालों के लिए हो अलग फ्रेमवर्क, लिक्विडिटी घटने का जताया डर: ब्रोकरपश्चिम एशिया संकट से होटल उद्योग की रफ्तार धीमी, लेकिन मांग में सुधार की उम्मीद बरकरार

विदेश यात्राओं पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान पर लग सकता है टैक्स

Advertisement
Last Updated- March 24, 2023 | 11:28 PM IST
Swiggy Credit Cards: What are cashback credit cards? Which are the best? How to choose?

विदेश यात्रा के लिए क्रेडिट कार्ड से भुगतान को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के उदारीकृत धन प्रेषण योजना (LRS) के दायरे में लाया जाएगा। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ऐसे खर्चे स्रोत पर कर संग्रह (TCS) के दायरे में आएं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को वित्त विधेयक 2023 सदन के विचारार्थ और पारित करने के लिए पेश करते हुए कहा कि आरबीआई को विदेशी दौरों पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान को LRS के अंतर्गत लाने के लिए तरीके खोजने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा, “यह पाया गया है कि विदेशी दौरों पर क्रेडिट कार्ड से भुगतान LRS के अंतर्गत नहीं आता है और ऐसे भुगतान टीसीएस से बच जाते हैं।”

वित्त मंत्री ने कहा कि आरबीआई से विदेशी दौरों पर क्रेडिट कार्ड भुगतान को LRS के अंतर्गत लाकर स्रोत पर कर संग्रह के तहत लाने के तरीके निकालने के लिए आग्रह किया गया है। वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में उदारीकृत धन प्रेषण योजना के तहत एक जुलाई, 2023 से शिक्षा और चिकित्सा को छोड़कर भारत से किसी अन्य देश को पैसा भेजने पर 20 प्रतिशत टीसीएस का प्रस्ताव किया गया।

इस प्रस्ताव से पहले, भारत से बाहर सात लाख रुपये से ज्यादा भेजने पर पांच प्रतिशत टीसीएस लगता था। स्रोत पर कर संग्रह एक आयकर है, जो खरीदार से निर्दिष्ट सामानों के विक्रेता द्वारा एकत्र किया जाता है।

टीसीएस एक ऐसा तंत्र है जहां विशिष्ट वस्तुओं को बेचने वाला व्यक्ति एक निर्धारित दर पर खरीदार से कर जुटाकर उसे सरकार के पास जमा करने के लिए उत्तरदायी है। देश में 2004 में लाए गए एलआरएस के तहत शुरुआत में 25,000 डॉलर भेजने की अनुमति थी। एलआरएस सीमा को आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप विभिन्न चरणों में संशोधित किया गया है।

Advertisement
First Published - March 24, 2023 | 11:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement