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जाइडस को तीसरे चरण के परीक्षण की मंजूरी

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Last Updated- December 10, 2022 | 2:11 AM IST

कोविड-19 के अन्य स्वदेशी टीकों की समय पर शुरुआत का मार्ग प्रशस्त करते हुए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने अहमदाबाद की कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड (जाइडस कैडिला) के प्लास्मिड डीएनए टीके – जाइकोवि-डी के तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षणों को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जाइडस कैडिला अब तकरीबन 30,000 वॉलंटियरों पर तीसरे चरण के क्लीनिकल ​​परीक्षणों की शुरुआत करेगी। जाइडस समूह के चेयरमैन पंकज पटेल के अनुसार तीसरे चरण के इन परीक्षणों की शुुरुआत होने से कोविड-19 रोकने में इस टीके की प्रभावशीलता निर्धारित होगी।
कंपनी ने 1,000 से अधिक स्वस्थ वयस्क वॉलंटियरों पर जाइकोवि-डी टीके के दूसरे चरण का अध्ययन करने के बाद डीसीजीआई से अनुमति के लिए आवेदन किया था। यह पहले/दूसरे चरण की खुराक में इजाफे, बहु-केंद्रित, आकस्मिक और डबल-ब्लाइंड प्लेसिबो नियंत्रित अध्ययन का हिस्सा था। इस टीके को सुरक्षित पाया गया था और अध्ययन के दौरान इसे प्रतिरक्षाजनी अच्छी प्रतिक्रिया प्राप्त हुई थी।
इस परीक्षण की समीक्षा एक स्वतंत्र डेटा सुरक्षा निगरानी बोर्ड (डीसीएमबी) द्वारा की गई थी और सुरक्षा नतीजों से परिचित कराने के लिए नियमित रूप से इसकी रिपोर्ट केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) को दी गई थी। पटेल के अनुसार तीसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षणों के लिए यह मंजूरी समूह के टीका विकास कार्यक्रम में महत्त्वपूर्ण पड़ाव की तरह है और लोगों को स्वदेशी रूप से खोजे गए, सुरक्षित तथा प्रभावकारी टीके के साथ इस महामारी से लडऩे में मदद करने के इसके लक्ष्य की दिशा में है।
इस बीच इन नतीजों और अध्ययन की प्रगति के आधार पर जाइडस को अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जाइकोवि-डी टीके की शुरुआत किए जाने की उम्मीद है।

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First Published - January 3, 2021 | 11:52 PM IST

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