सत्यम कंप्यूटर सर्विसेज की कमान टेक महिंद्रा के हाथ में जाने के बाद शीर्ष पर बैठे अधिकारी भी खुद को महफूज नहीं समझ सकते।
दरअसल इस सौदे के तहत 100 कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित रखने की जो शर्त रखी गई है, उसमें कर्मचारियों की सूची वरिष्ठता के अनुसार नहीं बनाई गई है। यह सूची ग्राहकों और परियोजनाओं के मुताबिक कर्मचारियों के महत्व के आधार पर तैयार की गई है।
सत्यम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि इस सूची में ऐसे लोगों के नाम भी हैं, जो वरिष्ठ प्रबंधन पदों पर मौजूद नहीं हैं। करार के मुताबिक सत्यम को खरीदने वाली कंपनी कम से कम 1 साल तक इन 100 कर्मचारियों को कंपनी से बाहर नहीं कर सकती है।
अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि इस सूची में उन लोगों के नाम जरूर हैं, जो सीधे ग्राहकों से रूबरू होते हैं। उनके अलावा प्रोग्राम प्रबंधन और सॉल्यूशन तैयार करने वाले आर्किटेक्ट भी उन लोगों में शुमार हैं, जिनकी नौकरी महफूज रहेगी।
अधिकारी ने कहा, ‘हमने इस सूची में उन लोगों को अनिवार्य तौर पर शामिल किया है, जो सत्यम के प्रमुख ग्राहकों से बातचीत में जुड़े हैं। हो सकता है कि वे बहुत बड़े ग्राहक न हों, लेकिन कंपनी के लिहाज से उनकी अहमियत कम नहीं है। हम तो ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस सूची में शुमार करना चाहते थे, लेकिन पैसे की किल्लत आड़े आ गई।’
अधिकारी ने कहा कि टेक महिंद्रा के हाथों में सत्यम की बागडोर जाना दोनों कंपनियों के लिए काफी फायदेमंद होगा। टेक महिंद्रा का 75 फीसदी से भी ज्यादा कारोबार यूरोप से आता है और सत्यम का अधिग्रहण कर लेने से उसे अमेरिका और कई अन्य क्षेत्रों में पांव पसारने का सुनहरा मौका आसानी से हासिल हो जाएगा। दूसरी ओर टेक महिंद्रा का साथ मिलने से सत्यम को आर्थिक स्थायित्व मिल जाएगा, जिसकी उसे शिद्दत से तलाश है।
खरीद की शर्त के तहत 100 कर्मियों की बचेगी नौकरी
लेकिन काम के बल पर ही रह पाएंगे कंपनी में
शीर्ष पदाधिकारियों की भी हो सकती है छंटनी