उबले रतन, कहा- कर देंगे सिंगुर को टा-टा

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 07, 2022 | 6:15 PM IST

टाटा मोटर्स को सिंगुर में आवंटित जमीन को लेकर लंबे समय से विरोध-प्रदर्शन और हिंसा से आहत टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने शुक्रवार को अपनी चुप्पी तोड़ी।


उन्होंने धमकी भरे अंदाज में कहा कि अगर इस विवाद का हल नहीं निकलता है, तो वे बहुचर्चित लखटकिया कार नैनो की परियोजना को पश्चिम बंगाल से कहीं और ले जाने का इरादा कर सकते हैं। टाटा ने कहा कि तनाव    भरे माहौल में काम करना आसान नहीं होगा।

टाटा टी की सालाना बैठक के अवसर पर रतन टाटा ने कहा कि हिंसा और विरोध में परियोजना स्थल पर कर्मचारियों, उपकरणों और निवेश को लेकर कंपनी चिंतित है। टाटा ने कहा कि यह फैसला तो पश्चिम बंगाल और वहां की जनता को करना है कि हम अवांछित हैं या अच्छे निगमित नागरिक के रूप में स्वीकार्य।

उन्होंने कहा कि अगर जनता की राय उनके विरुद्ध है, तो हमें यहां से हटना ही होगा, चाहे हमने इस परियोजना में कितना भी निवेश कर दिया हो। वैसे, टाटा ने कहा कि इस परियोजना में 1,500 करोड़ रुपये का निवेश पहले ही किया जा चुका है। यही वजह है कि कंपनी स्थिति को लेकर चिंतित नजर आ रही है।

उन्होंने कहा कि आम धारणा यही है कि टाटा इस राज्य का दोहन कर रही है, जबकि हम ग्रामीण समुदाय की आवश्यकताओं के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील हैं। हम किसी का उत्पीड़न करने नहीं आए हैं। हमने भूमि लीज पर ली है, इसे खरीदा नहीं है।

टाटा ने कहा कि तमाम अटकलों के बावजूद कंपनी ने सिंगुर में परियोजना लगाने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि कंपनी यहां एक अस्पताल भी बनवा रही है, जो मार्च 2009 में शुरू हो जाएगा। हालांकि टाटा ने कहा कि अगर यह परियोजना सिंगुर से हटती है, तो निश्चित रूप से इसका असर राज्य में टाटा के भावी निवेश पर पड़ेगा।

सिंगुर में स्थिति को लेकर टाटा ने कहा कि पुलिस संरक्षण में लंबे समय तक काम करना संभव नहीं है। कल-पुर्जा इकाइयों के लिए 400 एकड़ भूमि आवंटित करने के सवाल पर टाटा ने कहा कि छोटी कार नैनो एक अनूठा उत्पाद है और लागत कम रखने के लिए कल-पुर्जा इकाइयां स्थापित करना जरूरी है।

मामला है क्या?

विवाद कोलकाता से 40 किमी दूर सिंगुर में टाटा मोटर्स को नैनो कार के लिए आवंटित 997 एकड़ की भूमि को लेकर है। विरोधियों का नेतृत्व कर रही तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी ने सरकार से मांग की है कि वह उन किसानों की 400 एकड़ जमीन वापस कर दे, जो अपनी जमीन बेचना नहीं चाहते हैं। हालांकि प्रदेश सरकार इस मसले को सुलझाने में जुटी हुई है।

विरोध-तनाव की स्थिति में टाटा नैनो परियोजना बंगाल से हटाने का कर सकते हैं इरादा
ग्रामीणों को 400 एकड़ जमीन लौटाने को लेकर हो रहा है विरोध
सरकार ममता बनर्जी को मनाने में जुटी

First Published : August 23, 2008 | 5:36 AM IST