लक्जरी कार निर्माता कंपनी फोक्सवैगन की भारतीय इकाई के लिएए लक्जमबर्ग स्थित यूरोपीयन इन्वेस्टमेंट बैंक ने 100 यूरो (करीब 664 करोड़ रुपये) का कर्ज मंजूर कर लिया है।
इस रकम का इस्तेमल फोक्सवैगन इंडिया पुणे के संयंत्र की क्षमता बढ़ाने में करेगी। उल्लेखनीय है कि फोक्सवैगन इंडिया भारत में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 3900 करोड़ रुपये के कर्ज की व्यवस्था करने में जुटी है, जिसकी पहली किस्त मंजूर हो गई है। कंपनी ने पुणे संयंत्र से सालाना 110,000 कारों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
फोक्सवैगन इंडिया की ओर से पुणे के इस संयंत्र की विधिवत शुरुआत इस साल 31 मार्च को की गई। कंपनी को उम्मीद है कि मई 2009 तक यहां वाहनों का व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू हो जाएगा। लोन की मंजूरी की बाबत फोक्सवैगन इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि संयंत्र शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि निवेश पूरा हो गया है।
अभी संयंत्र में बहुत काम बाकी है, जिसके लिए भारी निवेश की जरूरत है। कंपनी के प्रवक्ता ने ई-मेल के जरिए कहा कि इस संयंत्र से मई में स्कोडा फैबिया का निर्माण किया जाएगा। उसके बाद अगले साल की शुरुआत में पोलो और वर्ष 2010 तक फोक्सवैगन सेडान का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
उल्लेखनीय है कि यूरोपीयन बैंक से फोक्सवैगन इंडिया के लोन को मंजूरी मिलने के बाद भारत के किसी संयंत्र में यह पहला बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होगा।