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Vedanta का मेगा डिमर्जर: अगले महीने 5 अलग कंपनियों में बंट जाएगा अनिल अग्रवाल का साम्राज्य

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कर्ज कम करने के लिए वेदांत अगले महीने 5 सूचीबद्ध कंपनियों में बंट जाएगी, जिससे एल्युमीनियम, पावर और स्टील जैसे कारोबारों की स्वतंत्र लिस्टिंग का रास्ता साफ होगा

Last Updated- March 29, 2026 | 10:56 PM IST
Vedanta
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वेदांत के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए फाइनैंशियल टाइम्स ने शनिवार को बताया कि भारत की वेदांत अगले महीने की शुरुआत में कर्ज़ कम करने के मकसद से चलाए जा रहे कई साल पुराने पुनर्गठन कार्यक्रम के तहत 5 सूचीबद्ध कंपनियों में बंट जाएगी। दिसंबर में एक पंचाट ने तेल से लेकर धातु तक का कारोबार करने वाली इस कंपनी को 5 अलग-अलग सूचीबद्ध कंपनियों में बांटने की योजना को मंज़ूरी दे दी थी।

कारोबार अलग किए जाने के बाद कंपनी वेदांत लिमिटेड के तौर पर काम करेगी, जिसके तहत उसका आधारभूत धातुओं का कारोबार होगा। वेदांत एल्युमीनियम, तलवंडी साबो पावर, वेदांत स्टील ऐंड आयरन और माल्को एनर्जी चार अन्य कंपनियां होंगी। अग्रवाल ने एफटी को बताया कि इन पांचों कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण इस समूह के मौजूदा 27 अरब डॉलर से कहीं ज्यादा होगा।

उन्होंने कहा कि अग्रवाल के नियंत्रण वाली एक निजी मूल कंपनी, नई बनने वाली हर इकाई में लगभग आधे शेयर अपने पास रखेगी। 2023 में पहली बार सामने आई इस योजना का सरकार ने विरोध किया था क्योंकि उसे डर था कि इस बंटवारे से उसे अपना बकाया पैसा वसूलने में दिकक्त हो सकती है।

मुख्य वित्त अधिकारी अजय गोयल ने जनवरी में रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि वेदांत का लक्ष्य है कि वह अलग की जाने वाली अपनी चार प्रस्तावित इकाइयों को मई के मध्य तक भारतीय एक्सचेंजों पर लिस्ट करवा दे।

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First Published - March 29, 2026 | 10:55 PM IST

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