अल्ट्राटेक सीमेंट के निदेशक मंडल ने आज उत्पादन क्षमता 1.28 करोड़ टन बढ़ाने के लिए 5,477 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दे दी, जो पुराने व नए प्लांट के जरिए संपन्न होगा। देसी बाजार में आर्थिक सुधार और सीमेंट की मांग में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा गया है कि निवेश की मंजूरी वाली नई रकम वित्त वर्ष 2021 के लिए नियोजित 1,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च के अतिरिक्त होगी।
आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी ने अपनी विज्ञप्ति में सूचित किया कि अतिरिक्त क्षमता का सृजन तेजी से बढ़ रहे देश के पूर्वी, मध्य और उत्तरी क्षेत्र में किया जाएगा। पूर्वी भारत में मांग बाकी अन्य इलाकों से सबसे मजबूत रही है, जिसे सरकारी खर्च और श्रमिकों की ज्यादा उपलब्धता से सहारा मिला, जो कोविड-19 महामारी के कारण अपने गृह प्रदेश लौट आए थे। मोतीलाल ओसवाल ने हालिया रिपोर्ट में ये बातें कही है।
विज्ञप्ति में आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला के हवाले से कहा गया है कि बुनियादी ढांचा क्षेत्र में अहम निवेश से आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी और निजी निवेश के चक्र की शुरु आत होगी। मौजूदा आर्थिक मंदी को देखते हुए पूंजी परिव्यय भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम से जुड़ा हुआ है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि नई क्षमता वित्त वर्ष 2023 की चौथी तिमाही तक चरणबद्ध तरीके से चालू हो जाएगी। कुल अतिरिक्त क्षमता विस्तार में 72 फीसदी ब्राउनफील्ड के जरिए जबकि बाकी ग्रीन फील्ड के जरिए पूरी की जाएगी। इसके साथ ही निवेश की रकम का वित्त पोषण आंतरिक संग्रह से होगा।
बिड़ला ने कहा, लॉकडाउन में ढील के बाद सीमेंट उद्योग में ठीक-ठाक वॉल्यूम दिख रहा है, जो बुनियादी ढांचे पर सरकार के जोर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मांग व वैयक्तिक गृह निर्माण के कारण देखने को मिला है। देश भर में कंपनी की मौजूदगी को देखते हुए क्षमता विस्तार से उसे और मजबूती मिलेगी, ऐसे में अल्ट्राटेक देश में सीमेंट की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बेहतर स्थिति मेंं होगी।
इस विस्तार में राजस्थान के पाली संयंत्र को मिली मौजूदा मंजूरी, और उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कंपनी की 67 लाख क्षमता विस्तार शामिल है, जिस पर अभी काम चल रहा है। इसे वित्त्त वर्ष 2022 तक चरणबद्ध तरीके से चालू किया जाएगा।