पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के कठिन दौर से गुजरने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने जनवरी में 2.73 अरब डॉलर का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) आकर्षित किया है।
पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले यह राशि 54.66 फीसदी अधिक है। गौरतलब है कि जनवरी 2008 में देश में 1.76 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार ने कहा कि लगातार तीन महीने तक एफडीआई में कमी होने के बाद जनवरी में हालत में सुधार हुआ।
पूरी दुनिया में फैले वित्तीय संकट के चलते विदेशी कंपनियों ने अपने करार या तो रद्द कर दिए या उसे स्थगित कर दिए। औद्योगिक नीति एवं सवंर्ध्दन विभाग के सचिव अजय शंकर के मुताबिक, ”जनवरी में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश के आंकड़े बहुत अच्छे हैं। यह विश्व का भारत पर भरोसे का संकेत है।
अप्रैल 2008 से जनवरी 2009 के बीच कुल 24.21 अरब डॉलर का निवेश हुआ। उम्मीद है कि चालू वित्त वर्ष में यह पिछले वित्त वर्ष के 25 अरब डॉलर के संशोधित लक्ष्य को पार कर जाएगा।”
मालमू हो कि सरकार ने पहले 2008-09 के दौरान 35 अरब डॉलर के एफडीआई का लक्ष्य रखा था। अब इसे घटाकर 30 अरब डॉलर कर दिया गया है। अप्रैल 2008 से जनवरी 2009 की अवधि में देश में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश 24.21 अरब डॉलर रहा।
यह एक साल पहले यानी अप्रैल 2007 से जनवरी 2008 की तुलना में 67.4 फीसदी ज्यादा का निवेश है। उस समय महज 14.45 अरब डॉलर का निवेश हुआ था। इसके बावजूद विशेषज्ञ इसे खुश होने की वजह नहीं मानते।