सत्यम वित्तीय घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने रविवार रात कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी समेत तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
सीबीआई के डीआईजी वी.वी. लक्ष्मी नारायण ने बताया कि हमने तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया, जिन पर घोटाले की रूप रेखा तैयार करने का आरोप है। ये लोग फर्जी मासिक बैंक स्टेटमेंट और अन्य दस्तावेज तैयार करने में शामिल थे।
गिरफ्तार व्यक्तियों में कंपनी के उपाध्यक्ष (वित्त) जी. रामाकृष्ण और वित्त विभाग में काम कर रहे अन्य दो कर्मचारी-डी. वेंकटपति राजू एवं श्रीसैलम शामिल हैं। उनके कंप्यूटर ऑर लैपटॉप भी जब्त कर लिए गए हैं।
आईसीएआई के तीन सदस्यों वाली उच्च स्तरीय टीम ने सत्यम के पूर्व सीएफओ वाडलामणि श्रीनिवास से पूछताछ के बाद ये गिरफ्तारियां की हैं। इससे पहले आंध्र प्रदेश की सीआईडी की ओर से सत्यम के संस्थापक रामलिंग राजू समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
लक्ष्मी नारायण ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘सत्यम मामले में सीबीआई द्वारा यह पहली गिरफ्तारी है।’ गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को नामपल्ली कोर्ट में पेश किया जाएगा। उन्हें 9 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में रखा जाएगा।
अध्यक्ष उत्तम प्रकाश अग्रवाल के नेतृत्व में इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट की तीन सदस्यीय टीम ने वाडलामणि श्रीनिवास से पूछताछ की थी और उसमें जी. रामकृष्ण का नाम उभर कर सामने आया।
अग्रवाल के मुताबिक, ‘वाडलामणि ने दस्तावेजों में हेराफेरी में अपने शामिल होने की बात एक सिरे से नकार गए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऑडिटरों द्वारा दिए गए निर्देशों को राजू भाइयों ने नजरअंदाज कर दिया। वाडलामणि ने इस पूरी घटना का मास्टरमाइंड राजू भाइयों को बताया है।’