भारती एयरटेल ने दूरसंचार विभाग के समक्ष अपनी प्रायोरिटी पोस्टपेड सर्विस प्लान का बचाव किया है। कंपनी पर आरोप लगे थे कि वह ‘नेट न्यूट्रैलिटी’ के नियमों का उल्लंघन कर रही है। इसके जवाब में कंपनी ने कहा कि यह सेवा दूरसंचार नियामक और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पूरी तरह से पालन करती है। सुनील मित्तल के प्रवर्तित इस कंपनी ने अधिकारियों के साथ अपने नेटवर्क का लाइव डेटा शेयर करने और सेवा की गुणवत्ता से जुड़े मानकों के प्रति जवाबदेह रहने की भी पेशकश की है।
संचार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने सरकार को बताया है, ‘एयरटेल का सिस्टम ट्राई और दूरसंचार विभाग के सभी नियमों का पूरी तरह से पालन करता है। यह कंटेंट के मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष है और इसमें किसी भी तरह की ब्लॉकिंग, थ्रॉटलिंग, किसी को खास तरजीह देना या जीरो-रेटिंग जैसी कोई बात शामिल नहीं है।’
पिछले सप्ताह हुई एक बैठक के बाद अधिकारियों द्वारा सरकार के साथ साझा किए गए नोट में कहा गया है, ‘कंपनी ने सेवा की गुणवत्ता के मानकों के प्रति जवाबदेह होने और नियामकों के साथ मिलकर ऐसे सुरक्षा उपाय तय करने के लिए अपनी तत्परता दोहराई है, जो उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करते हुए नवाचार को बढ़ावा दें। एयरटेल, ‘प्रायोरिटी पोस्टपेड’ के सकारात्मक असर को पूरी पारदर्शिता के साथ बताने के लिए अधिकारियों के साथ लाइव नेटवर्क डेटा साझा करने के लिए भी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’
एयरटेल ने पिछले सप्ताह अपने सभी पोस्टपेड ग्राहकों को ‘प्रायोरिटी प्लान’ में अपग्रेड कर दिया था। कंपनी ने यह तर्क दिया कि इस सेवा से उसके प्रीपेड ग्राहकों के अनुभव में कोई रुकावट या गिरावट नहीं आई। देश में उसके कुल 36.8 करोड़ ग्राहकों में इन प्रीपेड उपयोगकर्ताओं की बड़ी भागीदारी है।