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ब्रिटेन में 1,500 कर्मचारी भर्ती करेगी टीसीएस

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Last Updated- December 12, 2022 | 8:27 AM IST

देश की सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने घोषणा की है कि वह अगले वर्ष के दौरान ब्रिटेन में 1,500 तकनीकी कर्मचारी नियुक्त करेगी।
दौरे पर आईं ब्रिटेन की व्यापार सचिव लिज ट्रस और टीसीएस के मुख्य कार्याधिकारी राजेश गोपीनाथन के बीच मुंबई में सोमवार की बैठक के बाद यह घोषणा की गई है। बैठक में उन्होंने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था, नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी क्षेत्र और श्रमशक्ति के कौशल विकास में निवेश जारी रखने की कंपनी की प्रतिबद्धता पर चर्चा की थी।
वित्त वर्ष 20 के आखिर में टीसीएस के राजस्व में ब्रिटेन ने 2.7 अरब पॉउंड (करीब 270 करोड़ रुपये) का योगदान किया है। ब्रिटेन में कंपनी की 45 सालों से मौजूदगी है। ब्रिटेन की सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों में टीसीएस ब्रिटेन में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। पेंशन और जीवन बीमा उद्योग में टीसीएस थर्ड-पार्टी नीतिगत प्रशासनिक सेवाओं की सबसे बड़ी प्रदाता है।
टीसीएस के मुख्य कार्याधिकारी और प्रबंध निदेशक राजेश गोपीनाथन ने एक बयान में कहा कि यह घटनाक्रम टीसीएस द्वारा ब्रिटेन के हमारे ग्राहकों को प्रदान किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य पर आधारित है। हमारे निरंतर निवेश ने टीसीएस को ब्रिटेन में हमारे मूल्यवान ग्राहकों की पसंदीदा वृद्धि और परिवर्तन का भागीदार बना दिया है, जिससे वे प्रतिस्पर्धात्मक विकास के लिए अपने कारोबार को डिजिटल रूप में परिवर्तित कर सकते हैं।
कर्मचारियों की ज्यादा नियुक्ति करनी वाली टीसीएस ऐसी अकेली कंपनी नहीं है। इन्फोसिस, विप्रो और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी भारतीय कंपनियां जो यूरोप में बड़े सौदे हासिल कर रही हैं, वे भी वहां अपनी मौजूदगी में विस्तार कर रही हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ज्यादातर बड़े सौदों का मतलब यह भी है कि कर्मचारियों को नई कंपनी मिलेगी या इन सौदों में बड़ी संख्या में लोगों को भी रखा जाएगा।
उदाहरण के लिए जब इन्फोसिस ने अपने सबसे बड़े सौदे में से एक के तहत जर्मनी की वाहन विनिर्माता डेमलर के साथ 3.2 अरब डॉलर का करार किया था, तो वह इस वाहन विनिर्माता से 600 कर्मचारियों को इन्फोसिस में स्थानांतरित करने पर भी सहमति हुई थी। इसी तरह जब मेट्रो ने 70 करोड़ डॉलर का सौदा किया था, तो विप्रो करीब 1,300 से अधिक कर्मचारियों को लेने पर सहमत हुई थी। इस सौदे के एक हिस्से के रूप में जर्मनी, रोमानिया और भारत से मेट्रो के कर्मचारियों को विप्रो में स्थानांतरित कर दिया गया था।
टीसीएस ने ब्रिटेन में पिछले एक दशक के दौरान अपने कारोबार को चार गुना बढ़ाया है, जिससे यह देश में सूचना प्रौद्योगिकी और संबंधित सेवाओं की सबसे बड़े प्रदाताओं में से एक बनी है। टीसीएस सूचना प्रौद्योगिकी प्रतिभाओं को नौकरी देने वाली ब्रिटेन की सबसे बड़ी कंपनियों में भी शुमार है। ब्रिटेन में इसकी श्रम शक्ति युवा और विविधतापूर्ण है, जिसमें 54 देशों का प्रतिनिधित्व है। इस श्रम शक्ति में महिलाओं की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत है, जो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 17 प्रतिशत के औसत से कहीं ज्यादा है।
ब्रिटेन की अंतरराष्ट्रीय व्यापार सचिव लिज ट्रस ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और एक ऐसा राष्ट्र है जो मुक्त उद्यम में हमारा विश्वास साझा करता है। गहरे व्यापारिक संबंधों से ब्रिटेन के लिए अवसर पैदा होंगे जो यूरोपीय संघ के हिस्से के रूप में नहीं थे तथा वर्तमान और भविष्य की आर्थिक शक्तियों में से एक के साथ बहुत करीबी साझेदारी के लिए मंच तैयार होगा जिससे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे और अधिक निवेशकों द्वारा ब्रिटेन में विकास और रोजगार लाना सुनिश्चित हो। हम विज्ञान, तकनीक और हरित विकास जैसे भविष्य के उद्योगों में और अधिक निकट आते हुए सहयोग करेंगे।

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First Published - February 10, 2021 | 11:44 PM IST

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