टाटा इंडस्ट्रीज को एक बार फिर आयकर विभाग का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी ने दूरसंचार कंपनी आइडिया सेल्युलर में अपने शेयर बिड़ला टीएमटी होल्डिंग्स को बेचने के लिए मॉरीशस में अपने पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एपेक्स इन्वेस्टमेंट्स का सहारा लिया था, जिससे आयकर विभाग खफा हो गया है।
विभाग ने इस बिक्री पर बतौर पूंजीगत लाभ कर कंपनी से 298 करोड़ रुपये मांगे हैं। विभाग के सूत्रों के मुताबिक ‘राउंड ट्रिपिंग’ या ‘ट्रीटी शॉपिंग’ का यह पहला मामला है। इसके तहत किसी ऐसे देश में शेयरों की खरीदारी की जाती है, जिसके साथ भारत की कर संबंधी संधि है और इस तरह कर बचा लिया जाता है।
आयकर अधिनियम 1961 की धारा 93 (3) के तहत इस बारे में नोटिस कंपनी को भेज दिया गया है। विभाग का मानना है कि टाटा इंडस्ट्रीज और बिड़ला भारत की कंपनियां हैं, लेकिन मॉरीशस की कंपनी के जरिये सौदा पूंजीगत लाभ कर बचाने की कवायद है, जिसकी अनुमति दोनों देशों के बीच दोहरी कर अदायगी से बचाव के समझौते के अनुच्छेद 13(4) के तहत मिल जाती है।
इससे पहले भी विभाग के अंतरराष्ट्रीय कर प्रकोष्ठ ने सिंगुलर एटीऐंडटी को भुगतान करते समय टीडीएस जमा नहीं करने पर कंपनी को कारण बताओ नोटिस भेजा था। विभाग का यह भी कहना है कि इस सौदे में विदेशी निवेश के मसले पर विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) का उल्लंघन किया गया है।
नोटिस के मुताबिक इन निवेशों में भी भारत में दूरसंचार कानूनों को अनदेखा किया गया है क्योंकि उस समय टाटा इंडस्ट्रीज के पास एक साथ दो दूरसंचार लाइसेंस थे। इस बारे में पूछे जाने पर टाटा इंडस्ट्रीज ने कहा, ‘टाटा इंडस्ट्रीज लिमिटेड को कर वर्ष 2007-08 के लिए आयकर अधिनियम की धारा 143(3) के तहत नोटिस मिला है।
कंपनी ने इस सिलसिले में अपील दाखिल कर दी है और सुनवाई का इंतजार है। बाकी पहलुओं पर हम बताना चाहते हैं कि एपेक्स इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण कानूनों के दायरे में किया गया है। हम कुछ और नहीं कह सकते।’ कंपनी ने फेमा और दूरसंचार कानूनों के उल्लंघन के मसले पर कुछ भी नहीं कहा।
गले में फंसी हिस्सेदारी बिक्री
आइडिया सेल्युलर में हिस्सेदारी विदेशी कंपनी के जरिये बेचने पर टाटा इंडस्ट्रीज को मिला आयकर विभाग का नोटिस
पूंजीगत लाभ कर बचाने की कवायद बताया विभाग ने
कंपनी को अदा करने होंगे 298 करोड़ रुपये
फेमा और दूरसंचार कानूनों के उल्लंघन का भी आरोप
कंपनी ने पूंजीगत लाभ कर के मसले पर दाखिल की अपील