टाटा मोटर्स में टीपीजी राइज क्लाइमेट और अबू धाबी की एडीक्यू द्वारा मंगलवार को 1 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की गई। विश्लेषकों का कहना है कि यह सौदा टाटा समूह कंपनी के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
सौदे से उत्साहित कंपनी का शेयर बुधवार को बीएसई पर 20.4 प्रतिशत चढ़कर 506.75 रुपये पर पहुंच गया।
ऐंटिक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषकों अमित मिश्रण और उदयकिरण पलूरी का कहना है कि टाटा समूह ने भारत में ईवी तंत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई हैं। उनका मानना है कि इसके अलावा, टाटा मोटर्स के यात्री वाहन (पीवी) व्यवसाय (बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन समेत) को बाजार द्वारा कम वैल्यू दी गई है, जिससे यह निवेश अच्छी वैल्यू वृद्घि में सहायक साबित हो सकता है। प्रबंधन के अनुसार, कंपनी अगले पांच साल में 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश करेगी, और निवेशकों को 18 महीने की अवधि के दौरान अनिवार्य तरजीही आवंटन किया जाएगा।
पूंजी निवेश का पहला चरण मार्च 2022 तक पूरा होगा और यह रकम वर्ष 2022 के अंत तक आएगी। पूर्ण स्वामित्व वाली ईवी सहायक इकाई (जिसे कंपनी ने ईवीसी नाम दिया है) यात्री इलेक्ट्रिक मोबिलिटी व्यवसाय संभालेगी, जबकि यात्री व्यवसाय इकाई निर्माण संयंत्रों, डीलरशिप और ब्रांडों जैसी मौजूदा परिसंपत्तियों की कमान संभालेगी।
एडलवाइस सिक्योरिटीज में विश्लेषक चिराग शाह का कहना है कि ऐसेट-लाइट मॉडल से टाटा मोटर्स को वित्त वर्ष 2022-23 में एबिटा के संदर्भ में भरपाई के सतर पर पहुंचने में मदद मिलेगी।
उनका कहना है, ‘इस सौदे से अगले पांच साल के लिए ईवी व्यवसाय की नकदी प्रवाह जरूरत पूरी होगी, वहीं प्रबंधन को दो अंक की बाजार भागीदारी, ऊंचे एक अंक के मार्जिन और पारंपरिक पीवी व्यवसाय के लिए मुक्त नकदी प्रवाह की स्थिति में पहुंचने के अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।’
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज द्वारा विश्लेषण में घरेलू ईवी व्यवसाय में टाटा मोटर्स की बाजार भागीदारी वित्त वर्ष 2015 तक 27.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया है, जो मौजूदा 71 प्रतिशत से कम है।
ब्रोकरेज ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है, ‘हालांकि, हमारा मानना है कि टाटा मोटर्स ईवी सेगमेंट में मजबूत कंपनी बनी रहेगी। हमें उम्मीद है कि टाटा मोटर्स का कुल राजस्व वित्त वर्ष 2021-50 के दौरान 13 प्रतिशत सीएजीआर की मदद से 16 प्रतिशत सीएजीआर तक बढ़ेगा। हमें घरेलू ईवी व्यवसाय में एबिटा मार्जिन वित्त वर्ष 2030 में सुधरकर 7 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2020ई में 12 प्रतिशत पर पहुंचने की संभावना है।’
हालांकि विश्लेषक मूल्यांकन के मोर्चे पर विभाजित हैं, क्योंकि टीपीजी कैपिटल के सौदे से टाटा मोटर्स के बीईवी व्यवसाय का मूल्यांकन 6.7 अरब डॉलर और 9.1 अरब डॉलर के बीच अनुमानित है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा टाटा मोटर्स की ईवी इकाई के लिए मूल्यांकन मानक निर्धारित करेगा, लेकिन कुछ अन्य का मानना है कि मूल्यांकन ‘आक्रामक’ है।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में आई तेजी
बुधवार को एनएसई पर निफ्टी ऑटो इंडेक्स 3.4 फीसदी चढ़ा क्योंकि टीपीजी राइज क्लाइमेट और अबू धाबी की एडीजी की तरफ से टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक वाहन इकाई में 7,500 करोड़ रुपये के निवेश से कंपनी के शेयर में 21 फीसदी की तेजी दर्ज हुई।
निफ्टी ऑटो इंडेक्स में टाटा मोटर्स का भारांक करीब 12 फीसदी है और इसका स्थान मारुति सुजूकी व एमऐंडएम के बाद है। वाहन क्षेत्र में निवेश हासिल होने और त्योहारी सीजन में मांग में सुधार की उम्मीद ने अन्य शेयरों को भी आगे बढ़ाया। अशोक लीलैंड और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के शेयर में क्रमश: 5.6 फीसदी व 5.2 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। वहीं टीवीएस मोटर्स, भारत फोर्ज और हीरो मोटोकॉर्प में 1 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली। इलेक्ट्रिक वाहन में टाटा मोटर्स की प्रतिस्पर्धी मारुति सुजूकी के शेयर में एनएसई पर 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।