टाटा संस ने इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) में अपनी 8 फीसदी हिस्सेदारी बेचने और अगले दो हफ्तों में पात्र संस्थागत नियोजन (क्यूआईपी) के जरिये करीब 2,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।
ताज समूह के होटल चलाने वाली आईएचसीएल में टाटा संस की 41 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे मिलने वाली रकम को कंपनी अपना कर्ज कम करने में इस्तेमाल करेगी। पिछले साल दिसंबर तक कंपनी पर कुल 1,905 करोड़ रुपये का कर्ज था। आईएचसीएल की कर्ज में कमी 2025 तक टाटा समूह की सभी कंपनियों में कर्ज का बोझ कम करने की योजना का हिस्सा है।
बैंकिंग सूत्रों के अनुसार आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और क्रेडिट सुइस को क्यूआईपी के लिए बैंकर नियुक्त किया गया है। ये बैंकर संभावित निवेशक तलाशने के लिए जल्द ही रोडशो शुरू करेंगे।
आईएचसीएल का शेयर आज लगभग कल के भाव के आसपास ही 205 रुपये पर बंद हुआ, जिसके आधार पर कंपनी का कुल मूल्यांकन करीब 27,088 करोड़ रुपये है।
इस बारे में संपर्क करने पर आईएचसीएल के प्रवक्ता ने बताया कि कंपनी के निदेशक मंडल और शेयरधारकों ने क्यूआईपी के जरिये पूंजी जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। प्रवक्ता ने कहा, ‘यह मंजूरी एक साल के लिए वैध है। कंपनी का निदेशक मंडर्ल/प्रबंधनबाजार की स्थिति देखते हुए उपयुक्त समय पर क्यूआईपी लाने का निर्णय करेगा।’