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टाटा स्टील लौह अयस्क के लिए जाएगी ब्राजील

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Last Updated- December 06, 2022 | 9:45 PM IST

विस्तार की होड़ में सरपट दौड़ रही टाटा स्टील की निगाह अब ब्राजील में लौह अयस्क के भंडार पर टिक गई है।


ब्रिटेन की कंपनी लंदन माइनिंग के स्वामित्व वाले भंडार को खरीदने के लिए कंपनी ने जुगत भिड़ानी शुरू कर दी है। इस ब्राजीलियन भंडार से फिलहाल टाटा की ही सहायक कंपनी कोरस को कच्चे माल की आपूर्ति की जाती है।


हालांकि दुनिया की छठी सबसे बड़ी इस्पात निर्माता कंपनी टाटा स्टील ने इस भंडार में मौजूद लौह अयस्क की कीमत अभी नहीं आंकी है, लेकिन जानकारों के मुताबिक यह कम से कम 8,000 करोड़ रुपये कीमत का भंडार है।


लंदन माइनिंग ने पिछले महीने कहा था कि ब्राजील में वह दूसरी कंपनियों के निवेश के बारे में फिर विचार कर सकती है। इसके बाद तमाम दिग्गज इस्पात और खनन कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। टाटा स्टील भी इनमें शामिल है।


पूरे मामले से जुड़े सूत्र ने बताया, ‘लंदन माइनिंग पूरे मामले का जायजा ले रही है। उसके कारोबार की बिक्री या आंशिक बिक्री के बारे में तमाम कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है और अब उस पर विचार चल रहा है।’


टाटा स्टील के प्रवक्ता ने इस बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘टाटा स्टील दुनिया भर में अपने कारोबार के लिए कच्चे माल की आपूर्ति सुरक्षित रखने के इरादे से तमाम अवसरों को खंगाल रही है। लेकिन अभी हम किसी भी तरह का ब्यौरा देने की स्थित में नहीं हैं। जहां तक लंदन माइनिंग की बात है, उसमें हमारी खास दिलचस्पी नहीं है और इसी वजह से उसके बारे में हम कुछ कहना नहीं चाहते।’इस सौदे के लिए लंदन माइनिंग ने यूबीएस को वित्तीय सलाहकार बनाया है।


लंदन माइनिंग के खानें सियरा ल्योन, सऊदी अरब, ग्रीनलैंड और मेक्सिको में भी हैं। ब्राजील के सेरा अजुल क्षेत्र में उसकी खान है, जिसके बारे में वह तमाम विकल्पों पर विचार कर रही है।


दुनिया भर में इस्पात की कीमतों में जबर्दस्त उतार चढ़ाव देखा जा रहा है। इसकी वजह से ज्यादातर इस्पात निर्माता कंपनियां कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दौड़ रही हैं। यदि सस्ती कीमत पर कच्चा माल मिल जाता है, तो कंपनियां विस्तार भी कर सकती हैं। ब्राजील से कोरस तक माल ढुलाई में काफी कम भाड़ा लगता है, जिसका फायदा टाटा स्टील को लागत घटाने में मिलता है।


ब्राजील खनिज और लौह अयस्क के दुनिया के चुनिंदा सबसे बड़े भंडारों में शामिल है। टाटा समूह इसी वजह से यहां से कच्चा माल लेने में ज्यादा दिलचस्पी रखता है। अमेरिकी भौगोलिक सर्वेक्षण के मुताबिक पिछले साल ब्राजील ने 30 करोड़ मीट्रिक टन लौह अयस्क का उत्पादन किया था। चीन में सबसे ज्यादा 52 करोड़ मीट्रिक टन अयस्क का उत्पादन हुआ था।


भारत में टाटा स्टील के संयंत्रों के लिए कैप्टिव खानों से कच्चा माल मंगाया जाता है। लेकिन कोरस के सामने कच्चे माल का टोटा हो गया है। फिलहाल कंपनी के पास महज 15 फीसद कच्चा माल भंडार बचा है। टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा कह ही चुके हैं कि तमाम कंपनियों के जरिये वह ब्राजील में 60,000 करोड़ रुपये का निवेश करना चाहते हैं। उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा था कि ब्राजील के उभरते बाजार में बहुत संभावनाएं हैं। इसीलिए उसकी तरफ उनका रुझान लाजिमी है।

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First Published - May 7, 2008 | 12:23 AM IST

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