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टाटा रियल्टी ने रिहायशी श्रेणी में की दमदार बिक्री

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Last Updated- December 12, 2022 | 5:12 AM IST

टाटा समूह की रियल एस्टेट इकाई टाटा रियल्टी ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर ने पिछले वित्त वर्ष के दौरान रिहायशी परियोजनाओं में अपने बिक्री लक्ष्य के मुकाबले 120 फीसदी बिक्री दर्ज की। कंपनी के प्रबंध निदेशक संजय दत्त के मुताबिक, 17 रिहायशी परियोजनाओं में से 13 परियोजनाओं में बिक्री वित्त वर्ष 2021 के लक्ष्य को पार कर गई। हालांकि उन्होंने वित्त वर्ष 2021 के लिए बिक्री संबंधी कोई आंकड़ा बताने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कंपनी ने डिजिटल मार्केटिंग, निर्माण में तेजी, कर्मचारी लाभ आदि पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है।
दत्त ने कहा, ‘वैश्विक महामारी से पहले हमारे परियोजना स्थलों पर करीब 3,400 कर्मचारी होते थे और दूसरी तिमाही के बाद उनकी संख्या 6,000 तक पहुंच गई। हम उन चुनिंदा कंपनियों में शमिल हैं जिसने लॉकडाउन के तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। पिछले वित्त वर्ष के पहले पहले नौ महीनों के दौरान हमारे परियोजना स्थलों पर कोविड का कोई मामला नहीं था।’ मुंबई जैसे महानगरों में कई डेवलपरों को लॉकडाउन के दौरान निर्माण में देरी जैसी समस्या से जूझना पड़ा क्योंकि श्रमिक अपने घर लौट गए थे।
दत्त ने कहा कि कंपनी ने अपनी परियोजनाओं का निर्माण कार्य जल्द सुचारु कर लिया था और इसलिए वह फायदे की स्थिति में थी। ऐसा इसलिए क्योंकि ग्राहक तैयार मकानों को प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि उन्हें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि कंपनी ने डिजिटल मार्केटिंग को अपनाकर अपने विपणन खर्च में करीब 50 फीसदी की बचत की है। दत्त ने कहा कि उद्योग छोटे आकार/कीमत और किफायत के लिहाज से परियोजनाएं तैयार कर रहा है।
हालांकि टाटा रियल्टी ने बड़े, बेहतर और आलीशान मकानों पर ध्यान केंद्रित किया है। दत्त ने कहा कि टाटा रियल्टी ने बोनस का भी भुगतान किया है और अन्य कंपनियों की तरह अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं की है। उन्होंने कहा, ‘हमने कर्मचारी लाभ के लिए काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखी है। जब लोग खुश होंगे तो बिक्री स्वत: बढ़ जाएगी।’ उन्होंने कहा कि कंपनी ने बिक्री के लिए लभग 2,000 पूछताछ दर्ज की है।

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First Published - May 3, 2021 | 11:56 PM IST

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