इजरायली दवा निर्माता कंपनी टारो फार्मास्यूटिकल्स को खरीदने के लिए भारतीय दवा कंपनी सन फार्मा की संशोधित पेशकश को टारो ने मंगलवार को खारिज कर दिया।
उल्लेखनीय है कि सन फार्मा ने टारो के 64 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए दो विकल्प सुझाए थे।
पहले विकल्प के तहत सन ने टारो के शेयर अपनी पहले बोली 7.75 डॉलर की बजाय 9.5 डॉलर प्रति शेयर खरीदने की पेशकश की थी। इस प्रस्ताव के तहत कंपनी को पहले के मुकाबले करीब 1.4 करोड़ डॉलर अधिक रकम खर्च करनी होगी।
दूसरे विकल्प में कंपनी ने टारो के चेयरमैन बैरी लेविट को छोड़कर सभी शेयरधारकों को 9 डॉलर प्रति सामान्य शेयर की पेशकश दी थी और उसके प्रवर्तक समूह के लगभग 50 लाख शेयरों के लिए कंपनी ने 8.5 डॉलर प्रति शेयर की पेशकश की थी।
सन फार्मा के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक दिलीप सांधवी की ओर से सोमवार को दिए गए दोनों प्रस्तावों को खारिज करते हुए टारो के चेयरमैन बैरी लेविट ने कहा कि सन फार्मा की ओर से जो ऑफर दिया गया है, वह बहुत कम है।
उन्होंने कहा कि ब्रांडस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स से जो हिस्सेदारी खरीदी गई थी, वह 10 डॉलर प्रति शेयर थी। ऐसे में सन फार्मा का यह ऑफर बहुत कम है।
हालांकि उन्होंने कहा कि अगर सन फार्मा अपनी संशोधित ऑफर में शेयरों की कीमत बढ़ाती है, तो टारो, सन फार्मा के साथ विलय को राजी हो सकती है।
लेकिन इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी लेनी होगी। अगर शेयरधारक सन की ओर से तय की गई कीमत से सहमत नहीं हुए, तो सन फार्मा को विलय की पूरी कीमत चुकानी होगी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय दवा निर्माता कंपनी सन फार्मा की पहले ही टारों में 36 फीसदी हिस्सेदारी है।
न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबध्द टारो में बची हुई हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए कंपनी ने नए विकल्पों का जिक्र किया था। दरअसल, इजरायली कंपनी के लिए अपनी बोली को बढ़ाने का कदम सन फार्मा को इजरायली उच्चतम न्यायालय के 8 दिसंबर को दिए गए आदेश के बाद उठाना पड़ा।
इजरायली उच्चतम अदालत ने दोनों कंपनियों को सलाह दी थी कि वे अदालत के बाहर ही 30 दिन के भीतर इस मुद्दे के निपटारे का विकल्प तलाश करें।
सौदे को लेकर जारी है गतिरोध
सन फार्मा के संशोधित ऑफर को टारो ने किया खारिज
टारो चेयरमैन ने कहा, शेयरों की कीमत बहुत कम