सन फार्मा ने इजरायली कंपनी टारो फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज में नियंत्रण हिस्सेदारी पाने के लिए कंपनी के शेयरों के लिए अपनी बोली को 23 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
भारतीय दवा निर्माता कंपनी सन फार्मा की पहले ही टारों में 36 फीसदी हिस्सेदारी है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबध्द टारों में बची हुई?हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए कंपनी ने आज दो विकल्पों का जिक्र किया है।
इजरायली कंपनी के लिए अपनी बोली को बढ़ाने का कदम कंपनी ने इजरायली उच्चतम न्यायालय के 8 दिसंबर को दिए गए आदेश के बाद उठाया है।इजरायली उच्चतम अदालत ने दोनों कंपनियों को सलाह दी थी कि वे अदालत के बाहर ही 30 दिन के भीतर इस मुद्दे के निपटारे का विकल्प तलाश करें।
पहले विकल्प के तहत सन ने टारो के शेयर अपनी पहले बोली 7.75 डॉलर की बजाय 9.5 डॉलर प्रति शेयर खरीदने की पेशकश दी है। इस प्रस्ताव के तहत अब कंपनी को पहले के मुकाबले अब 1.4 करोड़ डॉलर टारो को अधिक चुकाने होंगे।
अपने दूसरे विकल्प में कंपनी ने टारो के चेयरमैन बैरी लेविट को छोड़कर सभी शेयरधारकों को 9 डॉलर प्रति सामान्य शेयर की पेशकश दी थी और उसके प्रवर्तक समूह के लगभग 50 लाख शेयरों के लिए कंपनी ने 8.5 डॉलर प्रति शेयर की पेशकश की थी।
हालांकि सन फार्मा को अपनी इस पेशकश के लिए अब भी टारो के ठोस जवाब का इंतजार है। सन फार्मा के प्रवक्ता का कहना है, ‘अब तक हमें टारो की ओर से जवाब नहीं मिल पाया है।’
सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष दिलीप सांघवी ने टारो के निदेशक मंडल को पत्र में बताया है कि टारो ने जनवरी 2007 से सितंबर 2008 के दौरान 5.4 करोड़ डॉलर का मुनाफा और 4.5 करोड़ डॉलर की शुध्द नकदी अपने नतीजों में दिखाई है।