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यूपी में चीनी उत्पादन 30 फीसदी घटेगा

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Last Updated- December 09, 2022 | 6:04 PM IST

गन्ने के उत्पादन में कमी और चीनी की अंडर रिकॉवरी के कारण साल 2008-09 के पेराई सीजन में उत्तर प्रदेश के चीनी उत्पादन में 30 प्रतिशत की कमी आने के आसार हैं।


पिछले साल बाढ़ और भारी बारिश से पहुंची क्षति के कारण चीनी की रिकवरी घट कर 8.75 प्रतिशत हो गई है जबकि पिछले साल यह 9.39 प्रतिशत थी।

गन्ना विभाग के अधिकारी ए के सिन्हा ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘इसके अलावा, इस साल जाड़े का मौसम भी देर आया है। इससे चीनी की रिकवरी पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।’

एक जाने माने चीनी उत्पादक ने कहा कि पिछले साल 74 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था जबकि इस साल उत्पादन 52 लाख टन होने की संभावना है। स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश के चीनी उत्पादन में इस सीजन में 30 प्रतिशत की कमी की संभावना है।

हालांकि, राज्य का गन्ना विभाग चीनी उत्पादन के आंकड़ों को लेकर ज्यादा आशावादी हैं। उनका अनुमान है कि इस साल उत्पादन 62 लाख टन रहेगा। गन्ने का रकबा घटने से इस साल गन्ने के का उत्पादन पिछले साल के 1,100 लाख टन के मुकाबले लगभग 30 प्रतिशत कम हुआ है।

पिछले साल से गन्ना किसानों ने अन्य फसलों का रुख कर लिया है ताकि वे विभिन्न फसलों की खेती कर सकें। भुगतान की अनिश्चितता भी ऐसे में समाप्त हो जाती है। पिछले नवंबर में शुरू हुई पेराई अभी जारी है और गन्ने की कम उपलब्धता के कारण यह फरवरी 2009 तक समाप्त भी हो जाएगी।

अभी तक लगभग 200 लाख टन गन्ने की पेराई हो चुकी है जिससे मोटे तौर पर 17 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ है। चीनी उद्योग को लगता है कि उत्पादकों को चीनी के कम उत्पादन और बेहतर कीमतों का लाभ नहीं मिल पाएगा।

बलरामपुर चीनी के एक अधिकारी ने बताया, ‘ केंद्र सरकार चीनी के आयात की बात कर रही है। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के चीनी उत्पादकों का मार्जिन पहले से ही दबाव में है क्योंकि गन्ने की कीमतें 140 रुपये प्रति क्विंटल है। इसके अलावा, यह साल आम चुनाव का है और सरकार चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होने देगी।’

इस साल गन्ने के पैसों का भुगतान भी अद्यतन है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चीनी मिलों ने कुल मिला कर 1,814 करोड रुपये का भुगतान किया है जिसमें बकाया राशि 1,692 करोउ रुपये की थी। भुगतान की राशि में अग्रिम भी शामिल है।

साल 2008-09 की पेराई सीजन के लिए राज्य सरकार ने खराब किस्म के गन्ना के लिए 137.50 रुपये प्रति क्विंटल, आम किस्मों के लिए 140 रुपये प्रति क्विंटल और शुरुआती किस्म के लिए 145 रुपये प्रति क्विंटल के राज्य समर्थित मूल्यों की घोषणा की है।

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First Published - January 6, 2009 | 9:54 PM IST

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