facebookmetapixel
Advertisement
आरबीआई की विदेशी मुद्रा अदला-बदली योजना जारी रहेगी, 41 अरब डॉलर जुटाए गएStock Market: RBI के फैसले के बाद शेयर बाजार में तेजी! Sensex-Nifty क्यों चढ़े?RBI बदलने जा रहा है Loan Rules! EMI पर क्या पड़ेगा असर?FY28 की शुरुआत में आ सकते हैं पॉलिमर नोट, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया पूरा प्लान₹100 से रियल एस्टेट में निवेश का मौका, Edelweiss ने लॉन्च किया देश का पहला REITs फोक्स्ड फंड; समझें टैक्स नियमRepo Rate नहीं बदली, लेकिन RBI ने दे दिए बड़े इशारे! जानिए 10 बड़ी बातेंMeta ने मानी गलती, सरकार के सामने सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी; सेफ हार्बर’ पर भी मिला सख्त संदेशFranklin India NFO: कम जोखिम वाले डेट फंड में निवेश का मौका, SIP ₹500 से शुरूRBI MPC Meet: ब्याज दरें, बॉन्ड मार्केट, महंगाई और ग्रोथ पर क्या कहतें हैं म्युचुअल फंड्स?177.9 मिलियन डॉलर के साथ शाहरुख नंबर 1, जानें टॉप 5 रैंकिंग में कौन से सेलिब्रिटी हैं शामिल?

सीमेंट कंपनियों को दमदार मार्जिन से दम

Advertisement
Last Updated- December 14, 2022 | 8:40 PM IST

वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही के दौरान मार्जिन के मोर्चे पर भारतीय सीमेंट कंपनियों के दमदार प्रदर्शन रहा। फिच रेटिंग्स ने कहा है कि दमदार मार्जिन ने सीमेंट कंपनियों के वित्तीय प्रोफाइल पर कोविड वैश्विक महामारी के जोखिम को सीमित करने में मदद की।
रेटिंग एजेंसी ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि सीमेंट कंपनियां वित्त वर्ष 2021 में पूंजीगत खर्च के मोर्चे पर विवेकपूर्ण रुख अपनाएंगी जो स्वस्थ नकदी प्रवाह सृजित करने और वित्तीय लचीलापन को मदद करेगी।’ रेटिंग एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही में मांग में 30 फीसदी से अधिक गिरावट के बाद अब धीरे-धीरे सुधर होगा और पूरे वित्त वर्ष के लिए निचले दो अंकों में गिरावट दिख सकती है।
अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, लाफार्जहोल्सिम लिमिटेड की सहायक इकाइयां एसीसी लिमिटेड एवं अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और श्री सीमेंट लिमिटेड सहित सीमेंट उत्पादन करने वाली तमाम बड़ी कंपनियों वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही के दौरान ग्रामीण बाजार और सस्ते मकान श्रेणी से उल्लेखनीय मांग दर्ज की। इससे शहरी आवास, बुनियादी ढांचे एवं वाणिज्यिक निर्माण में दिख रही सुस्ती से निपटने में मदद मिली।
वैश्विक महामारी से संबंधित लॉकडाउन के खुलने के शुरुआती महीनों यानी मई और जून के दौरान अटकी मांग से भी कीमतों में तेजी को बल मिला।
सीमेंट की कुल उत्पादन लागत में करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली ऊर्जा एवं ईंधन लागत में नरमी और निर्धारित लागत के कारण प्रति टन मार्जिन में वृद्धि दर्ज की गई। इससे कमजोर वॉल्यूम के कारण परिचालन लाभ में गिरावट को थामने में मदद मिली। वित्त वर्ष 2020 की दूसरी तिमाही में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई लेकिन सालाना आधार पर उसमें मजबूती बनी रही।
कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही के दौरान अधिकतर बड़ी कंपनियों ने कुल मिलाकर अधिक परिचालन लाभप्रदता दर्ज की। परिणामस्वरूप कंपनियां वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही में मोटे तौर पर स्थिर या बेहतर परिचालन लाभ दर्ज करने में सफली रहीं। मांग अब भी बरकरार है दूसरी छमाही के दौरान उसमें धीरे-धीरे सुधार होने के आसार हैं।
वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में प्रति टन लाभप्रदता में गिरावट दिख सकती है क्योंकि ईंधन एवं ऊर्जा की कीमतें अब सामान्य होने लगी हैं। इसके अलावा कंपनियां मांग को भुनाने के लिए कहीं अधिक आक्रामक तरीके से उत्पादन कर रही हैं। इसके बावजूद रेटिंग एजेंसी का मानना है कि वित्त वर्ष 2021 की पहली छमाही में परिचालन के मोर्चे पर सीमेंट कंपनियों के दमदार प्रदर्शन ने जोखिम को काफी कम कर दिया है।

Advertisement
First Published - December 1, 2020 | 11:22 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement