दवा कारोबार पर ध्यान जारी रखने के लिए स्ट्राइड्स फार्मा साइंस अपने बायोटेक कारोबार को स्टेलिस बायोफार्मा के तहत अलग करेगी। कंपनी के आला अधिकारी ने यह जानकारी दी। कंपनी का बोर्ड अपने निदेशकों की समिति बनाएगा, जो इस कारोबार को सूचीबद्ध कराने समेत वैल्यू डिस्कवरी के अन्य विकल्प की तलाश करेगी।
कंपनी के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी आर अनंतनारायणन ने कहा, बायोफार्मा कारोबार को काफी पूंजी की दरकार होती है। स्ट्राइड्स के तहत अगर हम स्टेलिस में पूंजी लगाना जारी रखते हैं तो हमारी बैलेंस शीट के लिए यह चुनौती होगी। हमारा मुख्य कारोबार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, खास तौर से विनियमित बाजारों मसलन अमेरिका में, ऐसे में हम बढ़त वाले क्षेत्र पर ध्यान बनाए रखना चाहते हैं। ऐसे में इस कारोबार को अलग करने और उसे अलग कंपनी के तौर पर सूचीबद्ध कराने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा, स्टेलिस फार्मा को अपने सभी कार्यक्रम के लिए तीन साल में 10 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त रकम की दरकार होगी। प्रवर्तक इसमें 5 करोड़ डॉलर का योगदान करेंगे। कंपनी ने एचडीएफसी के पूर्व एमडी आदित्य पुरी को स्टेलिस के अगले चरण के बढ़त की अगुआई करने के लिए नियुक्ति किया है, जहां वे बोर्ड के चेयरमैन होंगे। स्टेलिस के तहत कंपनी वैक्सीन लाइन स्थापित करने की प्रक्रिया में है, जहां सालाना 80 करोड़ डोज बनाने की क्षमता होगी। इस बीच, दिसंबर तिमाही में स्ट्राइड्स फार्मा साइंस का एकीकृत शुद्ध लाभ 61.93 फीसदी की गिरावट के साथ 35.15 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान एकीकृत राजस्व 832.02 करोड़ रुपये रहा।