रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के ग्राहक अगर परियोजना में देर होने की वजह से अपना पैसा वापस पाने की उम्मीद लगा रहे हैं, उन्हें मायूसी हाथ लग सकती है।
रकम वापस करने के लिए देश की यह सबसे बड़ी रियल्टी कंपनी अपनी कई परियोजनाएं दोबारा बेचने की तैयारी कर रही है, लेकिन अभी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी अपनी गुड़गांव, न्यू टाउन हाइट्स और गार्डन सिटी परियोजनाओं के लिए खरीदार की तलाश कर रही है।
उसने कहा, ‘अभी यह कहना मुश्किल है कि इन परियोजनाओं के अपार्टमेंटों की कीमत कितनी रखी जाएगी। हो सकता है कि हम इन्हें मौजूदा दाम पर ही बेचें और यह भी मुमकिन है कि हमें इनके दाम घटाने पड़े।’
डीएलएफ ने हाल ही में न्यू टाउन हाइट्स के ग्राहकों से कहा था, ‘ग्राहकों को उनकी रकम तभी मिलेगी जब कंपनी प्रॉपर्टी को फिर से बेच देगी। लेकिन अगर कंपनी ऐसा करने में कामयाब नहीं हो पाती है, तो उन्हें अपनी रकम के लिए 6 महीने इंतजार करना पड़ेगा।’
कंपनी की दो परियोजनाओं से लगभग 550 ग्राहकों ने निकलने का आवेदन किया है और जमा की गई रकम वापस मांगी है। अधिकतर ग्राहकों ने अपार्टमेंटों की कुल कीमत का 40 फीसदी भुगतान किया है।
अधिकारी ने बताया कि जिन लोगों ने रकम वापसी की मांग की है, उनमें से अधिकतर निवेशक हैं। उन्होंने बताया, ‘इन ग्राहकों को परियोजना देरी से शुरू होने पर आपत्ति नहीं है। दरअसल इन परियोजनाओं के लिए एक साल तक निवेश की गई रकम वापस नहीं हो सकती थी। लेकिन अब एक साल पूरा हो चुका है और उन्हें अब अपना पैसा वापस चाहिए।’
कंपनी पैसे वापस करने पर पेनल्टी वसूलने की योजना बना रही है। उसे उम्मीद है कि पैसे वापस मांगने वाले ग्राहक इससे घटकर 100-125 तक ही रह जाएंगे।