facebookmetapixel
Advertisement
Axis Bank Credit Card: 28 अगस्त से बदलेंगे नियम, विदेश में पेमेंट और टोल से लेकर लेट फीस तक पर पड़ेगा सीधा असर1 साल से सुस्त ये PSU शेयर दौड़ने वाला है! 40% से ज्यादा का रिटर्न संभव, ब्रोकरेज ने कहा – खरीदोपीयूष गोयल का सिंगापुर दौरा: FDI और निवेश बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय बैठकचीनी शेयरों में आई मिठास! बजाज हिंदुस्तान, द्वारिकेश और रेणुका शुगर में 14% तक उछाल; जानिए वजहभारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने बदला कमिटमेंट रूल्स, गूगल और इंडिगो के प्रस्तावों पर फैसले का इंतजारमिल्की मिस्ट के निवेशकों की बल्ले-बल्ले! पहले 18% प्रीमियम पर लिस्टिंग, फिर लगातार 2 दिनों से लग रहा 10-10% का अपर सर्किटबैंकों में जमा की रफ्तार 10 साल के हाई पर, डिपॉजिट ग्रोथ 15.4%; कर्ज की मांग भी तेजशिपरॉकेट की दमदार लिस्टिंग, निवेशकों को 35% का फायदा; मुनाफा काट लें या होल्ड करें?आखिरी समय में बनी बात: अमेरिका-कनाडा समझौते के बाद ट्रंप ने हटाया 50% टैरिफबुकमायशो में KKR का बड़ा दांव, कंपनी में खरीदेगी हिस्सेदारी; जानिए क्या है पूरा प्लान

स्पाइसजेट को कर भुगतान में अदालत से मिली राहत

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 1:45 AM IST

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने जीएसटी विभाग को बकाये कर का भुगतान किस्तों में करने संबंधी सस्ती विमानन सेवा स्पाइसजेट की याचिका पर गौर करने और एक आदेश जारी करने का निर्देश दिया है। 
जीएसटी अधिकारियों ने जुलाई के अंत में इस विमानन कंपनी को एक नोटिस जारी किया था जिसमें 80.6 करोड़ की कर देनदारियों का भुगतान करने और सभी चल एवं अचल संपत्तियों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि यदि भुगतान नहीं किया गया तो वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्पाइसजेट ने अपनी याचिका में कर देनदारी को लेकर कोई विवाद खड़ा नहीं किया है। हालांकि कंपनी ने वसूली के लिए कोई भी प्रक्रिया शुरू करने का विरोध करते हुए कर अधिकारियों को एकमुश्त भुगतान के बजाय 24 किस्तों में भुगतान करने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘दोनों पक्षों की ओर से मौजूद विद्वान अधिवक्ताओं को सुनने के बाद हमने पाया कि याची के वरिष्ठï वकील का अनुरोध उचित है। इसलिए हम इस रिट याचिका का निपटान करते हुए हरियाणा के राज्य कर उत्पाद शुल्क एवं कराधान आयुक्त को इस आदेश की प्रति प्राप्त होने के दो सप्ताह के भीतर एक आदेश जारी कर प्रतिनिधित्व का निर्णय लेने का निर्देश देते हैं।’
हरियाणा के उत्पाद शुल्क एवं कराधान विभाग ने 27 जुलाई को इस विमानन कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उसमें कहा गया था कि कंपनी ने 80.6 करोड़ रुपये के कर का भुगतान नहीं किया है जिसमें वित्त वर्ष 2020, वित्त वर्ष 2021 और वित्त वर्ष 2022 (अप्रैल से जून) की अवधि शामिल है। विभाग ने कहा था कि यदि बकाये का भुगतान 4 अगस्त तक नहीं किया गया तो वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। स्पाइसजेट ने कहा कि कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव के कारण विमानन कंपनी भारी नकदी संकट से जूझ रही है और इसलिए उसे बकाये का भुगतान 24 बराबर मासिक किस्तों में करने की अनुमति दी जाए।

Advertisement
First Published - August 21, 2021 | 1:02 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement