facebookmetapixel
Advertisement
Equity Funds: टूटते बाजार में भी दिखा दम, FY26 में ₹3.47 लाख करोड़ का निवेश; फ्लेक्सी-कैप पहली पसंदचीन के पड़ोस में भारत बेच रहा स्वदेशी मिसाइलें, फिलीपींस, वियतनाम समेत कई देश बने ग्राहकFund Review: ₹10,000 की SIP से बने ₹1.86 करोड़, 19 साल में HDFC Midcap Fund का AUM ₹1 लाख करोड़ के पारCult.fit IPO: फिटनेस कंपनी Cult.fit लाएगी IPO, ₹950 करोड़ जुटाने की तैयारीWhatsApp ला रहा नया Green Dot फीचर! अब बिना चैट खोले तुरंत पता चलेगा कौन है ऑनलाइनमुंबई की बारिश बनी कमाई का जरिया! भारत का पहला RainMumbai कॉन्ट्रैक्ट 30% उछला1 अगस्त से बदल जाएंगे शेयर बायबैक के नियम, निवेशकों के लिए क्या होगा असर?IMD के अनुमान के बाद एंटीक की रिपोर्ट, कमजोर मानसून से GDP 1.2% तक घट सकती हैIPO Listing Today: SME IPO का सुपर मंगलवार! 6 नई लिस्टिंग, किसी ने दोगुना कराया पैसा तो कोई हुआ फेलब्रह्मोस, UPI, IIM और सबांग पोर्ट… भारत-इंडोनेशिया के बीच हुए कई अहम समझौते

‘स्पाइस जेट बिकना नहीं, खरीदना पसंद करेगी’

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 10:27 PM IST

किफायती विमान कंपनी स्पाइस जेट किसी तरह के विलय और अधिग्रहण के प्रति उदासीन नहीं है।
एयरलाइंस के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा, ‘जब भी उड्डयन उद्योग संकट के दौर में होगा, तब भी स्पाइस जेट बिकना नहीं, खरीदना पसंद करेगा।’
उन्होंने यह वक्तव्य तब दिया, जब यह कयास लगाए जा रहे थे कि स्पाइस जेट में 8 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाले अरबपति निवेशक विल्मर रॉस स्पाइस जेट, गोएयर और जेट लाइफ को एक कंपनी बनाने की कवायद में जुटे हुए हैं।
अग्रवाल ने कहा, ‘इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। विल्मर रॉस स्पाइस जेट की लंबी अवधि विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘अगर टियर-2 डेस्टीनेशन के लिए छोटे एयरक्राफ्ट (40, 70 या 100 सीटों वाली) लाने की कोई संभावना दिखेगी, तो हम ऐसा करेंगे।
हमलोगों ने मांग के बाबत अध्ययन कराया है। अभी इस अध्ययन के आंकड़े जमा करने में तीन महीने लगेंगे और तब जाकर इस तरह की सेवा प्रदान करने के बारे में कुछ सोचा जा सकता है।’

Advertisement
First Published - March 31, 2009 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement