किफायती विमान कंपनी स्पाइस जेट किसी तरह के विलय और अधिग्रहण के प्रति उदासीन नहीं है।
एयरलाइंस के प्रमुख कार्यकारी अधिकारी संजय अग्रवाल ने कहा, ‘जब भी उड्डयन उद्योग संकट के दौर में होगा, तब भी स्पाइस जेट बिकना नहीं, खरीदना पसंद करेगा।’
उन्होंने यह वक्तव्य तब दिया, जब यह कयास लगाए जा रहे थे कि स्पाइस जेट में 8 करोड़ डॉलर का निवेश करने वाले अरबपति निवेशक विल्मर रॉस स्पाइस जेट, गोएयर और जेट लाइफ को एक कंपनी बनाने की कवायद में जुटे हुए हैं।
अग्रवाल ने कहा, ‘इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है। विल्मर रॉस स्पाइस जेट की लंबी अवधि विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ उन्होंने कहा कि ‘अगर टियर-2 डेस्टीनेशन के लिए छोटे एयरक्राफ्ट (40, 70 या 100 सीटों वाली) लाने की कोई संभावना दिखेगी, तो हम ऐसा करेंगे।
हमलोगों ने मांग के बाबत अध्ययन कराया है। अभी इस अध्ययन के आंकड़े जमा करने में तीन महीने लगेंगे और तब जाकर इस तरह की सेवा प्रदान करने के बारे में कुछ सोचा जा सकता है।’