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एलऐंडटी, जी समूह के परिसरों की तलाशी

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Last Updated- December 10, 2022 | 2:11 AM IST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के प्रावधानों के उल्लंघन की आशंका में मुंबई की करीब दो दर्जन कंपनियां और व्यवसाय आयकर विभाग की जांच के दायरे में आ गए हैं। कर विभाग पिछले दो वित्त वर्ष में फर्जी बिलों के जरिये कर चोरी के आरोपों की भी जांच कर रहा है।
आयकर विभाग ने जीएसटी टीम के साथ आज दो बड़े कारोबारी समूह – लार्सन ऐंड टुब्रो और एस्सेल समूह की जी एंटरटेनमेंट की तलाशी ली। यह कार्रवाई जीएसटी खुफिया महानिदेशालय द्वारा हजारों प्रविष्टियों में गड़बड़ी के खिलाफ की गई है। जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने हाल ही में इसे आयकर विभाग के साथ साझा किया था। एक वरिष्ठ कर अधिकारी ने बताया कि विभिन्न स्रोतों और एजेंसियों से प्राप्त जानकारी की पड़ताल के बाद जी एंटरटेनमेंट के मुंबई और दिल्ली परिसर तथा एलऐंडटी के मुंबई परिसर
में तलाशी अभियान चलाया गया।
जी समूह ने बयान में कहा, ‘कर विभाग के अधिकारी पूछताछ के लिए कंपनी के दफ्तर में आए थे और संबंधित अधिकारियों ने सभी जानकारी मुहैया करा दी है तथा जांच में सहयोग कर रहे हैं।’ एलऐंडटी की ओर से इस मामले में अभी कोई बयान नहीं आया है।
जीएसटी विभाग को डेटाबेस से करीब 5,000 प्रविष्टियों और कंपनियों द्वारा बेजा लाभ के लिए जीएसटी ढांचे के दुरुपयोग का पता चला है। इनमें दिल्ली और मुंबई के अलावा अन्य राज्यों की भी कंपनियां शामिल हैं।
उक्त अधिकारी ने संकेत दिया कि आने वाले हफ्तों में 6-7 अन्य कारोबारी घरानों की तलाशी ली जाएगी। सूत्रों ने कहा कि हैदराबाद, दिल्ली, पुणे और बेंगलूरु की कंपनियों की जांच की जाएगी। कुछ ई-कॉमर्स कंपनियां भी इसके दायरे में आ सकती हैं। वित्त मंत्रालय के निर्देश के बाद जीएसटी और आयकर विभाग पिछले दो महीने से साथ मिलकर इस पर काम कर रहा है। सूत्रों ने कहा कि अधिकारी फर्जी बिल, कर भुगतान नहीं करने, अधिक इनपुट कर क्रेडिट का दावा करने आदि मामलों की जांच कर रहे हैं। हालांकि इस तरह के मामलों में कितनी रकम हो सकती है, उसका अंदाजा नहीं है लेकिन सीमा शुल्क में इससे इजाफा हो सकता है, जो दिसंबर में 16,000 करोड़ रुपये था।
वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ साक्षात्कार में कहा था कि कुछ कंपनियां जीएसटी प्रणाली का दुरुपयोग करने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जो ज्यादा इनपुट कर क्रेडिट का दावा करने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें हतोत्साहित किया जाएगा।
सरकार के पास आयकर विभाग, जीएसटी, सीमा शुल्क आदि से पर्याप्त जानकारी उपलब्ध हैं और कृत्रिम मेधा का उपयोग कर उसका विश्लेषण किया जा रहा है।

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First Published - January 4, 2021 | 10:59 PM IST

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