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दिसंबर तिमाही में भी एसबीआई एमएफ अग्रणी एएमसी

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Last Updated- December 10, 2022 | 2:12 AM IST

एसबीआई म्युचुअल फंड अग्रणी बनी हुई है और उसकी औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 4.6 लाख करोड़ रुपये रही। इस तरह से दूसरे पायदान पर रही एचडीएफसी एमएफ से एसबीआई एमएफ का अंतर और बढ़ गया है, जिसकी औसत प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 3.9 लाख करोड़ रुपये रही। दिसंबर तिमाही के एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
पांच अग्रणी स्थानों में आईसीआईसीआई एमएफ (3.9 लाख करोड़ रुपये), आदित्य बिड़ला सन लाइफ एमएफ (2.5 लाख करोड़ रुपये) और कोटक म्युचुअल फंड (2.2 लाख करोड़ रुपये) शामिल रही। पिछले साल एसबीआई एमएफ तीसरे स्थान पर थी, वहीं कोटक एमएफ छठे स्थान पर काबिज थी।
डेट में निवेश बढऩे, विभिन्न योजनाओं का स्थिर प्रदर्शन और ईपीएफओ से मिलने वाली रकम से एसबीआई की परिसंपत्तियों में मजबूती आई। बाजार पर नजर रखने वालों ने यह जानकारी दी।
एचडीएफसी एमएफ ने हाल में नवनीत मुनोत को नया प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी नियुक्त किया है। मुनोत अभी एसबीआई म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी व कार्यकारी निदेशक हैं और वह मिलिंद बर्वे की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 31 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा है।
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स इंडिया के निदेशक (पोर्टफोलियो स्पेशियलिस्ट) धवल कपाडिय़ा ने कहा, एसबीआई म्युचुअल फंड को इक्विटी व फिक्स्ड इनकम में स्थिर फंड प्रबंधन टीम मिला है। मुनोत के वहां से निकलने का कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
पांच अग्रणी फंड हाउस न दिसंबर तिमाही में 1.1 लाख करोड़ रुपये जोड़े और उद्योग की परिसंपत्तियां 7.6 फीसदी यानी 2.1 लाख करोड़ रुपये बढ़ी। 10 अग्रणी फंड हाउस में शामिल ऐक्सिस एमएफ (13.6 फीसदी) और कोटक एमएफ (12.9 फीसदी) ने पिछली तिमाही के मुकाबले सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की। अन्य अग्रणी लाभ वालों में पीपीएफएएस एमएफ (31 फीसदी), एडलवाइस एमएफ (23 फीसदी) और इन्वेस्को (21 फीसदी) शामिल है। 25 अग्रणी फंड हाउस में एलआईसी एमएफ एकमात्र रही, जिसकी परिसंपत्तियां 13 फीसदी घटकर 15,743 करोड़ रुपये रह गई। एक साल की अवधि में 12 अग्रणी फंड हाउस में से पांच ने अपनी परिसंपत्तियों की गिरावट दर्ज की, जिसकी अगुआई फ्रैंकलिन टेम्पलटन (37 फीसदी) और एलऐंडटी एमएफ (12 फीसदी) ने की। अप्रैल में फ्रैंकलिन टेम्पलटन ने छह डेट योजनाओं को बंद करने का फैसला लिया, जिसकी कुल परिसंपत्तियां 25,000 करोड़ रुपये से ज्यादा थी। कंपनी ने कोरोनावायरस के कारण हुए लॉकडाउन के बीच निवेश निकासी का दबाव और डेट मार्केट में नकदी के अभाव को इसकी वजह बताया। फ्रैंकलिन एमएफ पिछले साल आठवें स्थान पर काबिज थी और अब 11वें स्थान पर है।
पिछले एक साल में प्रतिशत के लिहाज से सबसे ज्यादा लाभ हासिल करने वाली ऐक्सिस एमएफ थी, जिसमें 27 फीसदी की बढ़त हुई, उसके बाद एसबीआई एमएफ (10.3 फीसदी), आईडीएफसी एमएफ (9.2 फीसदी) और कोटक एमएफ (8.5 फीसदी) का स्थान रहा। कपाडिय़ा ने कहा, इक्विटी की विभिन्न श्रेणियों में ऐक्सिस का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा और इससे निवेशकों की रकम आकर्षित करने में मदद मिली।
छोटे आधार पर हालांकि प्रतिशत के लिहाज से सबसे ज्यादा बढ़ोतरी एडलवाइस एमएफ (201 फीसदी) और पीपीएफएएस एमएफ (83 फीसदी) ने दर्ज की।

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First Published - January 5, 2021 | 11:41 PM IST

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